हैदरगंज स्थित ब्लैक स्पाट। संवाद
वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर हादसों पर अंकुश लगाने के तमाम दावों के बावजूद सड़कें जानलेवा बनी हुई हैं। हाईवे से जुड़े पांच थानों को हाई अलर्ट पर रखा गया, सीसी टीमों (क्रैश कंट्रोल टीम)का गठन किया गया, अवैध कट बंद कराए गए और हाईमास्ट लाइट व क्रैश बैरियर लगाए गए।
इसके बावजूद हादसों का ग्राफ कम होने के बजाय बढ़ गया। जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक 106 हादसों में 72 लोगों की जान चली गई। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 10 अधिक मौतें हैं।
वर्ष 2025 में इन पांच थाना क्षेत्रों में 97 सड़क हादसे हुए थे, जिनमें 62 लोगों की मौत और 80 लोग घायल हुए थे। वहीं, इस साल सात माह में हादसों की संख्या बढ़कर 106 हो गई और मृतकों का आंकड़ा 72 पहुंच गया। हालांकि, घायलों की संख्या घटकर 62 रह गई है। आंकड़े बताते हैं कि हादसों की संख्या और मृतकों में बढ़ोतरी के बावजूद रोकथाम के इंतजाम प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं।पांच थानों के ये हैं ब्लैक स्पॉट : हाईवे से सटे पांच थाना क्षेत्रों में 12 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इनमें महरागंज, अंधऊ, गाजीपुर घाट, सैदपुर में औड़िहार और जौहगंज, नंदगंज में नौसारा, रामपुर बंतरा, देवकली, शेखपुर, अरशदपुर, हैदगंज और करदह कैथवली शामिल हैं। इन स्थानों पर हादसों को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।