शहर कोतवाली क्षेत्र के गाजीपुर घाट चौराहा (सुखदेवपुर चौराहे) के पास शुक्रवार की सुबह 10:30 बजे सीमेंट लदे ट्रक से कुचलकर सात वर्षीय बालक प्रिंस की मौके पर ही मौत हो गई। वह अपनी मां और चाचा के साथ बाइक पर गांव जा रहा
था। अपने सामने लाडले की दर्दनाक मौत देखकर मां बेसुध हो गई। उसका रो-रोकर बुरा हाल था। वह बस एक टक अपने
पुत्र को निहार रही थी। घटना के बाद मौके पर जुटे क्रुद्ध लोगों ने ट्रक की टंकी को कूंच कर आग लगाने का प्रयास किया
लेकिन पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। इसके बाद ग्रामीणों ने घटनास्थल पर बोल्डर रखकर चक्काजाम कर दिया जिससे एनएच 24 पर वाहनों की कतार लग गई। ग्रामीण ट्रक चालक को गिरफ्तार करने और मृतक के परिवार
वालों को मुआवजा देने की मांग पर अड़े थे। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर ढाई बजे जाम खत्म हुआ।
जमानिया के महेवां गांव निवासी बृजेश यादव का सात वर्षीय पुत्र गाजीपुर शहर के महाजन टोली में अपने मामा के घर
रहकर एलकेजी में पढ़ता था। बीते 27 सितंबर को ही प्रिंस का बर्थ डे धूमधाम के साथ मनाया गया था। शुक्रवार को अवकाश होने के कारण सुबह प्रिंस (7) अपनी मां सुमन और चाचा रमाकांत के साथ बाइक से गांव जा रहा था। बाइक
रमाकांत चला रहे थे। बाइक पर प्रिंस, उसकी मां सुमन छोटी बेटी नेहा को गोद में लेकर बैठी थी। सुबह साढ़े दस बजे रमाकांत जैसे ही गाजीपुर घाट चौराहे (सुखदेवपुर चौराहे) पर पहुंचे कि पीछे से आ रहे बेकाबू ट्रक ने टक्कर मार दिया
जिससे बाइक के साथ उस पर सवार सभी लोग गिर गए। प्रिंस छिटक कर सड़क पर कुछ दूर जा गिरा। इसी दौरान गाजीपुर की तरफ से आ रहे सीमेंट लदे ट्रक ने प्रिंस को रौंद दिया जिससे प्रिंस की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में
रमाकांत, सुमन को भी चोटें आईं। हादसे के बाद चालक दोनों ट्रकों को छोड़ कर भाग गए। हादसे से क्रुद्ध गांवों के लोगों ने पथराव कर ट्रक का शीशा तोड़ दिया। ट्रक की टंकी भी कूचकर क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस बल के चलते ग्रामीण ट्रक
में आग नहीं लगा सके। पुलिस ने ग्रामीणों पर काबू करने का प्रयास किया तो उनका गुस्सा भड़क गया। मामला बिगड़ते देख पुलिस ने लाठियां भांज कर लोगों को तितर-बितर करने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों ने एनएच बोल्डर रखकर
चक्काजाम कर दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम एके सिंह, सदर तहसीलदार, सीओ सिटी वेदप्रकाश सिंह, कोतवाल गाजीपुर, सुहवल थानाध्यक्ष, नोनहरा थानाध्यक्ष पहुंच गए तथा आश्वासन देकर जाम खत्म कराया।
बवाल देखते ही बंद कर दी दूकानें
सुखदेवपुर चौराहे पर सुबह हुए हादसे में बालक प्रिंस की मौत के बाद क्रुद्ध लोगों की पुलिस से झड़प हुई। पुलिस ने जब स्थिति पर काबू पाने के लिए लाठियां भांजी तो लोगों का गुस्सा बढ़ गया। माहौल तनावपूर्ण देखकर आसपास के
दूकानदारों ने अपनी दूकानें बंद कर दीं। ढाई घंटे बाद जाम खत्म होने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और ट्रकों को सुहवल व कोतवाली पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
जंगीपुर कांड की पुनरावृत्ति होने से बची
कोतवाली क्षेत्र के घाट चौराहे पर हुए हादसे के बाद पुलिस की नासमझी से माहौल तनावग्रस्त हो गया। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने संयम से काम लेते हुए स्थिति संभाली। इसके चलते जंगीपुर कांड की पुनरावृत्ति होते-होते बची। एसडीएम ने स्थिति को संभाल लिया नहीं तो बड़े पैमाने पर बवाल हो जाता।
इकलौता पुत्र था प्रिंस
हादसे का शिकार हुआ प्रिंस पिता बृजेश यादव और मां सुमन का इकलौता पुत्र था। जमानिया के महेवां निवासी बृजेश यादव की माली हालत खराब है। आय का कोई जरिया न होने के कारण वह अपने पुत्र प्रिंस को इंग्लिश मीडियम से पढ़ा
पाने में अक्षम थे लिहाजा उन्होंने अपने पुत्र प्रिंस को छह माह पहले पढ़ने के लिए महाजन टोली स्थित ससुराल पहुंचा दिया था। प्रिंस अपने मामा के घर पर रहकर एलकेजी में पढ़ता था।