गाजीपुर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट शक्ति सिंह ने मुख्तार अंसारी से संबंधित कुर्क संपत्ति के मामले में शनिवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अभिषेक अग्रवाल ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया कि डरा-धमकाकर फर्जी तौर से महुआबाग (मुुहम्मद पट्टी) स्थित भूमि मुख्तार अंसारी के नाम से कर दी गई है।
साथ ही भूमि पर गजल होटल का निर्माण करा लिया गया। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र की प्रति मऊ विधायक अब्बास अंसारी सहित तीन लोगों को भेजने का आदेश दिया है। साथ ही 27 जून की तिथि नियत करते हुए प्रार्थना पत्र पर लिखित आपत्ति प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
न्यायालय में मुख्तार की कुर्क संपत्ति पर सुनवाई हुई। इस दौरान अभिषेक अग्रवाल ने प्रार्थना-पत्र देकर कहा कि महुआबाग (मुुहम्मद पट्टी) स्थित जिस भूमि को मोतीलाल वर्मा ने अपनी संपत्ति बताया था। वह छलकपट व धोखाधड़ी के माध्यम से नाम कराई गई है। इसमें राजस्व अधिकारियों की भी साजिश रही है।
उक्त भूमि का फर्जी तरीके मुख्तार अंसारी के नाम से कर दिया गया और उक्त भूमि पर अवैधानिक तौर पर प्रार्थी को डरा-धमकाकर गजल होटल का निर्माण करा लिया गया है। प्रार्थी की भूमि को फर्जी तरीके से मोतीलाल वर्मा व मऊ विधायक अब्बास अंसारी साजिश के तहत हड़पने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है।
न्यायालय ने कहा कि तीन लोग पहले मऊ विधायक अब्बास अंसारी, दूसरे मोतीलाल वर्मा और तीसरे में अभिषेक अग्रवाल ने कुर्क संपत्ति को अपना होने का दावा किया गया है।
न्यायालस ने आदेश दिया कि अभिषेक अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रार्थना पत्र की प्रति मऊ विधायक अब्बास अंसारी और मोतीलाल वर्मा सहित तीन लोगों को प्रदान की जाए। अगली तिथि तक प्रार्थना पत्र पर लिखित आपत्ति प्रस्तुत की जाए।