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Abbas Ansari: अंसारी परिवार के पहले सदस्य को मिली सजा, अब्बास के पिता मुख्तार के खिलाफ चल रहे थे नौ मामले

Sun, 01 Jun 2025 11:16 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।

सार

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में विधायक अब्बास अंसारी को भड़काउ भाषण मामले में दो साल की सजा सुनाई गई है। अंसारी परिवार के पहले सदस्य को जिले में सजा मिली है। दिवंगत पिता मुख्तार अंसारी पर अभी भी छह मामले विचाराधीन हैं।
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कोर्ट में पेशी के लिए जाते अब्बास अंसारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नफरती भाषण के मामले में 3 मार्च 2022 को दर्ज मुकदमे में सुनवाई के बाद तीन साल से अधिक समय बाद आए फैसले में सदर विधानसभा से सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी को दो साल की सजा हुई। दो साल की सजा होने से उसे जमानत तो मिल गई लेकिन अंसारी परिवार में मऊ जिले में किसी भी मामले में सजा पाने वाले वाला पहला शख्स अब्बास अंसारी बन गया। 

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इससे पहले इसी कोर्ट में अब्बास अंसारी के दिवंगत पिता मुख्तार अंसारी पर नौ मामले कोर्ट में चल रहे थे, इसमें तीन मामलों में वह दोषमुक्त हो गया था, जबकि छह मामले में विचाराधीन था। लेकिन उसके मौत के बाद यह मामला अब बंद कर दिया गया है।

सुभासपा से प्रत्याशी के पद पर सदर विधानसभा से चुनाव लड़ने के दौरान पहाड़पुरा में एक जनसभा में अपने विवादित बयान के चलते इन पर तीन मार्च 2022 को शहर कोतवाली के उपनिरीक्षक गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामला कोर्ट में चल रहा था। 
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इसी कोर्ट में मुख्तार अंसारी के विरुद्ध जिले में भी छह मामलों में कोर्ट में सुनवाई जारी थी, जिसमें मुख्तार अंसारी की मौत की रिपेार्ट आने के बाद बंद कर दिया गया। इससे पहले वह तीन मामलों में मुख्तार अंसारी दोषमुक्त हो चुका था। माफिया के अलावा उसकी पत्नी आफशा के विरुद्ध एक तो उमर अंसारी के विरुद्ध तीन मामले विचाराधीन हैं। लेकिन जिले की कोर्ट से सजा पाने वाला अंसारी परिवार से दो साल की सजा पाने वाला पहला शख्स अब्बास अंसारी बना।

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शपथ लेने के बाद अपने विधानसभा में नहीं आ सका अब्बास
2022 विधानसभा चुनाव में अपने पिता मुख्तार अंसारी के बजाए सुभासपा-सपा गठबंधन से अब्बास अंसारी ने सदर सीट से चुनाव लड़ा। उसने 1 लाख 24 हजार 691 मत पाकर चुनाव जीता था। जबकि दूसरे नंबर पर भाजपा प्रत्याशी अशोक सिंह को 86 हजार 116 मत मिले थे। अब्बास ने यह चुनाव 38 हजार 116 मतों से जीता था। 

इस जीत से अब्बास अंसारी ने अपने पिता मुख्तार अंसारी के 25 साल की विरासत का बचाने में सफल रहा था। इससे पहले पिछले विधानसभा चुनाव में अब्बास ने घोसी से चुनाव लड़ा था, लेकिन यहां उसे हार का सामना करना पड़ा था। इस जीत के बाद विधायक पद की शपथ लेने के बाद वह अब तक अपने सदर विधानसभा में कोई कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर सका है। 
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