ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर पूरब पोखरा के पास और भदौरा बस स्टैंड के समीप गुरुवार को कोयले और बालू से लदे दो ट्रक अनियंत्रित हो पलट गए। संयोग अच्छा रहा कि हादसे में चालक-खलासी सहित फर्नीचर की दूकान पर काम कर रहे तीन लोग बाल-बाल बच गए।
अगर हादसे में फिर किसी की जान जाती, तो गहमर कांड की पुनरावृत्ति हो सकती थी। मार्ग पर आए दिन लग रहे जाम और हादसे के बाद भी जिला प्रशासन मौन है। इनकी उदासीनता के कारण यह मार्ग लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
सेवराई तहसील क्षेत्र के भदौरा बस स्टैंड के मुख्य चौराहे से कुछ दूरी पर निर्माणाधीन ताड़ीघाट-बारा मार्ग के लिए बिहार से ओवरलोड डंपर बालू लादकर आ रहा था। दिन में करीब दस बसे डंपर गड्ढ़े में अनियंत्रित हो पलट गया।
पास ही फर्नीचर की दूकान में काम कर रहे सोनू खरवार, सुरेंद्र खरवार, अनिल, सुनील और सब्जी कारोबारी जुगनू कुशवाहा ने भागकर किसी तरह से जान बचाई, लेकिन फर्नीचर, कीमती सामान के साथ ही एक बाइक डंपर की जद में आकर क्षतिग्रस्त हो गए।
कुछ देर के लिए मार्ग अवरुद्ध हो गया। घटना से गुस्साएं दूकानदार तथा स्थानीय लोग निर्माधीन कंपनी और डंपर मालिक से क्षतिग्रस्त हुए सामान का मुआवजा और जल्द से जल्द सड़क पर मौजूद गड्ढों को भरने की मांग को लेकर शोर-शराबा के साथ नारेबाजी करने लगे।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज सेवराई महेशचंद्र निषाद और यूपी-100 पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और ट्रक मालिक से पीड़ित दूकानदार को मुआवजा दिलाने का आश्वाशन दिया।
लोगों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सड़क पर मौजूद गढ्ढों नहीं भरवाया गया और ओवरलोड वाहनों का संचालन नहीं बंद हुआ तो सड़क जाम कर प्रदर्शन करने का काम किया जाएगा।
उधर गहमर के पूरब पोखरा के पास भोला प्रसाद वर्मा की चहारदीवारी को तोडते हुए ट्रक अनियंत्रित होकर आज भोर में करीब चार बजे खाई में पलट गया। हादसे में चालक विनोद और खलासी छोटू बाल-बाल बच गए।
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