बहरियाबाद थाना क्षेत्र के अराजी कस्बा स्वाद स्थित एक डिग्री कॉलेज के सामने मंगलवार को साइकिल से विद्यालय जा रही एक छात्रा की तेज रफ्तार ट्रक से कुचलकर मौत हो गई।
घटना से आक्रोशित छात्र-छात्रा और ग्रामीण सुबह 9.15 बजे से सैदपुर- चिरैयाकोट मार्ग को जाम कर धरने पर बैठ गए। जखनिया एसडीएम और सीओ के आश्वासन के बाद दोपहर एक बजे जाम समाप्त हुआ। ऐसे में सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी रही।
नादेपुर गांव निवासी चंद्रकेश चौहान ने बताया कि पुत्री श्रेया चौहान (12) घर से साइकिल से स्कूल के लिए निकली थी। जैसे ही वह कालेज के पास पहुंची कि पीछे से तेज रफ्तार आ रहे अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से कुचलकर मौत हो गई।
सड़क किनारे झाड़ियों में साइकिल क्षतिग्रस्त और छात्रा मृत पड़ी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में ले लिया। परिजन रोते- बिलखते घटना स्थल पर पहुंच गए। इधर घटना से आक्रोशित छात्र- छात्राओं ने सुबह 9.15 बजे सैदपुर- चिरैयाकोट मार्ग जाम कर दिया।
जानकारी पर पहुंचे एसडीएम अतुल कुमार और सैदपुर सीओ रामकृष्ण ने समझा- बुझाकर परिवार को आर्थिक मदद, आवास के साथ कॉलेज के सामने दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर व सीसी कैमरा लगवाने का आश्वासन देकर सुबह 11.30 बजे जाम समाप्त करा दिया।
कुछ देर बाद सुबह 11.45 बजे ग्रामीण परिजनों संग पानी टंकी त्रिमुहानी के पास पहुंचे और सुबह 11.45 बजे चक्का जाम कर दिया। धरना पर बैठे ग्रामीण परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग पर अड़ गए।
एसडीएम और सीओ ने हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन देकर दोपहर एक बजे तक जाम समाप्त कराया। सैदपुर सीओ रामकृष्ण ने बताया कि मृतका पिता चंद्रकेश चौहान की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम ट्रक को चिन्हित करने का प्रयास किया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पटरियों झाड़ियों के चलते हुए घटना
विद्यालय की कक्षा छह की छात्रा पायल ने बताया कि ट्रक की गति बहुत तेज थी और हम लोग भी साफ-साफ बचे। बहरियाबाद-चिरैयाकोट मुख्य मार्ग की पटरी पर साफ-सफाई न होने से सरपत व जंगली झाड़ियों से पटी हुई हैं। इसके चलते पीछे से आ रहे वाहनों से बचने के लिए पटरी के तरफ साइकिल और वाहन सवार नहीं जा पाते हैं। ऐसे में हादसा मुख्य कारण बनता जा रहा है। प्रमुख मार्ग से सटे इंटर कालेज और डिग्री कालेज के दोनों तरफ पूर्व में स्पीड ब्रेकर बना हुआ था। सड़क मरम्मत के दौरान बराबर कर दिया गया। इसकी वजह से यह घटना हुई है।संवाद
मुश्किल चार माह पूर्व ही श्रेया ने लिया था दाखिला
घटना स्थल पर बिलख रही दादी रंभा रह-रहकर बेहोश हो जा रही थीं। उनको बिलखता देख अन्य लोगों की आंख भर जा रही थी। पिता चंद्रकेश चौहान और मां सुनीता ने बताया कि पुत्री का अभी चार माह पूर्व ही विद्यालय के कक्षा छह में दाखिला हुआ था। उसका बडा भाई भी सत्यम भी उसी विद्यालय में कक्षा आठ का छात्र है। गांव के लोगों परिजनों को सांत्वना देने में जुटे थे।
मुख्यगेट से मात्र 100 मीटर दूरी पर थी छात्रा
छात्रा श्रेया चौहान साइकिल से अपने अन्य साथी छात्राओं के साथ विद्यालय जा रही थीं। मुश्किल से विद्यालय के मुख्यगेट के 100 मीटर दूरी पर थी। छात्रा पायल ने बताया कि तभी पीछे से तेज गति आ रहे ट्रक ने धक्का मार दिया, जिससे वह सड़क पर गिर गई और ट्रक कुचलते हुए आगे बढ़ गया। यह बताते ही उसकी आंख भर आईं।