गाजीपुर। उफनाती गंगा का पानी अब शहर में घुस गया है। श्मशान घाट पर बाढ़ का पानी आने के कारण चिता अब गली में जल रही हैं। गंगा का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में गांवों की तरह शहर का जनजीवन भी बेपटरी हो सकता है। नगर के अधिकांश गंगा घाटों की सीढि़यां जलमग्न हो चुकी हैं। एकमात्र कलक्टर घाट ही हैं, जिसकी अभी भी पांच सीढि़यां बाकी हैं। कलक्टर घाट के नाले में बाढ़ का पानी पूरी तरह से भर चुका है। ददरीघाट पर गंगा स्नान के लिए लोगों की मनाही कर दी गई है। फौव्वारे के माध्यम से लोग गली में स्नान कर रहे हैं। गंगा की रफ्तार नहीं थमी तो नाले का पानी ओवरफ्लो होकर नालियों के माध्यम से सड़कों पर पसरेगा। इससे आवागमन में दुश्वारियां उत्पन्न होगी। नगर के लकड़ी के टाल के सड़क पर बाढ़ का पानी डेढ़ फीट तक पसर गया है।
डीएम आवास के सामने नाले में भी भरा बाढ़ का पानी
गाजीपुर। डीएम आवास के नाले में भी बाढ़ का पानी भर चुका है। हालांकि यहां बाढ़ का पानी अभी तक सड़क पर नहीं आया है। शास्त्रीनगर में लो-लैंड में स्थित एक मकान बाढ़ के पानी से घिर चुका है। मकान के आगे 3 फीट तक बाढ़ का पानी पसरा हुआ है। श्मशान घाट पर चिताएं अपने पूर्व के स्थान से 600 मीटर दूर जल रही हैं। इसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। श्मशान घाट जाने वाली सड़क की गली में चिता जलने के कारण लोगों के बैठने का स्थान कम हो गया है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों के स्कूल बंद
गाजीपुर जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश पर बेसिक और मान्यता प्राप्त कक्षा आठ तक के स्कूलों में सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हेमंत राव ने बताया कि बारिश और गंगा में आई बाढ़ से तटवर्ती स्कूलों में पानी भर गया है। इसको लेकर एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। साथ ही कक्षा नर्सरी से 12 तक के समस्त बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के विद्यालयों में भी अवकाश रहेगा।
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20 हजार हेक्टेयर भूमि जलमग्न
जमानिया। सेवराईं तहसील क्षेत्र के बड़े गांवों में शामिल रेवतीपुर गांव की कई गलियों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गांव तीनों ओर से बाढ़ के पानी से घिर चुका है। कई पक्के मकान, आवासीय झोपड़ियां, मोबाइल टावर, एक दर्जन से अधिक संपर्क मार्ग पूरी तरह डूब चुके हैं। बाढ़ का पानी अब पटकनिया, युवराजपुर, कल्यानपुर, गौरीकापुरा, पकड़ी, कालूपुर, टौंगा, उधरनपुर, डेढ़गांवा, बवाड़े, भिख्खिचौरा, सुजानपुर, बैकुंठपुर, जीवपुर जैसे गांवों की ओर तेजी से पांव पसार रहा है। ताड़ीघाट-बारा नेशनल हाईवे के दोनों ओर भी बाढ़ का पानी फैल चुका है। किसानों की खड़ी फसलें डूब चुकी हैं। बाढ़ से अब तक करीब 20,000 हेक्टेयर भूमि पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। बिजली निगम ने सुरक्षा की दृष्टि से हसनपुरा, नसीरपुर, बीरऊपुर, और रामपुर गांवों की बिजली आपूर्ति बंद कर दिया है। जिससे सैकड़ों घरों की बत्ती गुल हो गई है।
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डीएम व एसपी ने बाढ़ प्रभावित गांवों का लिया जायजा
गाजीपुर। पांच तहसीलों के 57 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जिसमें 24 गांवों की आबादी प्रभावित हुई है। डीएम अविनाश कुमार व एसपी डॉ. ईरज राजा ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का नाव से निरीक्षण किया। बाढ़ प्रभावित गांवों हसनपुरा, नसीरपुर, वीरऊपुर व मकदूमपुर गांव का जायजा लिया। डीएम अविनाश कुमार ने उपजिलाधिकारी सेवराई लोकेश कुमार को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में लंच पैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए।
आबादी वाले इलाकों एवं संपर्क मार्ग तक पहुंचा बाढ़ का पानी
जमानिया। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना दिया है। बाढ़ का पानी अब आबादी वाले इलाकों और संपर्क मार्गों तक पहुंच चुका है। नगर के जमदग्नि-परशुराम गंगा घाट का रामलीला मैदान पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। एक विद्यालय की चाहरदीवारी और एनएच 97 बड़ेसर के पास बाढ़ का पानी कुछ ही दूरी पर है। कालनपुर, रघुनाथपुर बाड़, सबलपुर बाड़, मतसा बाड़, खावपुरा, पासैयदराजा, सरैया, देवा बैरनपुर, घाटनपुर, बैकुंठपुर, गरुआ मकसूदपुर और भगीरथपुर जैसे कई गांवों की सिवान में सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो चुकी है। एसडीएम ज्योति चौरसिया ने जीवपुर इंटर कॉलेज, रामपुर पट्टी सरनाम खां, मलसा इंटर कॉलेज और सुहवल इंटर कॉलेज सहित बाढ़ शरणालयों और राहत चौकियों का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। संवाद
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आज बाढ़ क्षेत्रों का दौरा करेंगे प्रभारी मंत्री
गाजीपुर। प्रदेश के स्टांप और न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और जनपद का प्रभारी मंत्री रवींद्र जायसवाल मंगलवार को शाम 3.30 बजे जनपद पहुंचेंगे। इसके बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण और निरीक्षण करेंगे। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करेंगे। शाम पांच बजे पार्टी के पदाधिकारियों से भेंट करने साथ वार्ता करेंगे। बाढ़ क्षेत्रों में राहत एवं बचाव में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों से वार्ता करने के बाद पत्रकार वार्ता भी करेंगे। इसके बाद शाम 5.30 बजे वाराणसी के लिए प्रस्थान करेंगे। संवाद
गाेमती नदी से पांच गांव प्रभावित
मौधा। गोमती नदी के उफान से जनपद के गौरहट, तेतारपुर, खरौना, अमेहता, गौरी गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों के दृष्टिगत सोमवार को सैदपुर तहसीलदार हिमांशु सिंह गौरहट, तेतारपुर, खरौना गांव पहुंचे और गांव के बाढ़ग्रस्त इलाकों का नाव से निरीक्षण किया। राहत व्यवस्था की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गौरहट, तेतारपुर, खरौना आदि जलमग्न क्षेत्रों के लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनी। तहसीलदार ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत सामग्री की आपूर्ति में कोई ढिलाई न हो और जरूरतमंदों तक समय से मदद पहुंचे। संवाद
कटान की भेंट चढ़ी एक बीघा भूमि
गाजीपुर। गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी है। भांवरकोल के शेरपुर काला, शेरपुर खुर्द, मुबारकपुर बस्ती पानी से घिर चुका है। पानी का बहाव जारी है। मुबारकपुर से गहमर एक किलो मीटर तक कट्टान जारी है। एक बीघा भूमि कटान की भेट चढ़ गई। मुबारपुर बस्ती में पानी फैलने के साथ भर गया हैं। प्रधान प्रतिनिधि जयानंद राय ने बताया हरिजन बस्ती में बसे सेमरा के विस्थापित 43 परिवार को बाढ़ से बाहर निकालकर ट्रैक्टर द्वारा इंटर कॉलेज मुहम्मदाबाद पहुंचाया जा रहा है। वहीं धर्मपुरा, सतर डेरा, शहीदबाग, मुबारकपुर मौजा उत्तर के डेरा यादव बस्ती जाने के लिए नाव लगा दिया गया है। इसके अलावे भागड़ नाले से पानी धर्मपूरा, कठार, आमघाट, नकटीकोल, रानीपुर, होते कुडेसर से भगड़ नाला भरने के बाद पानी से धान, चरी, बाजरा की फसल डूब चुकी है। संवाद
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शैक्षणिक संस्थान में भेजा 43 को परिवारों को,
गाजीपुर। भांवरकोल क्षेत्र का शेरपुर खुर्द चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर चुका है। मुबारकपुर मौजा से गहमर सिवान तक हुए कटान में एक बीघा भूमि गंगा में समाहित हो गई। बाढ़ को देखते हुए दलित बस्ती में बसे सेमरा के विस्थापित 43 परिवारों को इंटर कॉलेज मुहम्मदाबाद भेजा गया। धर्मपुरा, सतर डेरा, शहीदबाग, मुबारकपुर मौजा, यादव बस्ती में आवागमन के लिए नाव लगाया गया है। भांगड़ नाले से पानी धर्मपुरा, कठार, आमघाट, नकटीकोल, रानीपुर, होते कुंडेसर तक पहुंच चुका है।