जरा सी लापरवाही में अग्निकांड किसानों का सब कुछ लील जाता है। खासकर गर्मियों में खेत-खलिहानों और आबादी में होने वाले अगलगी की घटनाओं के पीछे अक्सर लापरवाही ही मुख्य वजह होती है। यदि लोग ऐहतियात बरतें तो अग्निकांड की घटनाओं पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। 14 से 20 अप्रैल तक मनाए जाने वाले अग्निशमन सेवा सप्ताह में दमकल विभाग की ओर से जिले के विभिन्न हिस्सों, चौराहों और स्कूलों में जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रमों से लोगों को आग से बचाव संबंधी जानकारियां मुहैया कराई जाएंगी।
प्रचंड गर्मी, कड़ी धूप तथा तेज हवाओं के चलने से जहां बिजली के तारों के आपस में टकरा कर शार्ट सर्किट से निकलने वाली चिंगारियों से फसलें राख हो जाती हैं, वहीं चूल्हे की राख में दबी चिंगारी पूरी बस्ती को मिटा देती हैं। फरवरी माह से अब तक जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई अगलगी की घटनाओं में 50 से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं। इसमें खासकर गरीब तबके के वे लोग हैं, जिनके पास सिर छुपाने के लिए महज झोपड़ियां थी। आग ने इनकी पूरी गृहस्थी ही छीन ली है। ऐसे में चिलचिलाती धूप में अब बेघर हो चुके लोग जहां पेड़ोें की छांव में रात दिन गुजारने को मजबूर हैं। वहीं बड़ी मुश्किल से उन्हें रोटी नसीब हो रही है। सरकारी मदद के नाम पर अभी तक इन पीड़ितों को आश्वासन के सिवा कुछ भी नहीं मिला है। मदद भी कब और कितनी मिलेगी, यह भी स्पष्ट नहीं है।