गर्मी अभी ढंग से शुरू भी नहीं हुई लेकिन बिजली ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार की रात लगातार साढ़े पांच घंटे की कटौती ने शहरियों को भोर तक रुलाया। घरों के बाहर सड़कों पर बैठे लोग आपस में यह चर्चा करते रहे कि जब गर्मी की शुरुआत में बिजली का यह हाल है तो आगे क्या होगा। गर्मी से बेहाल लोग आंखों में नींद लिए बिजली विभाग और जनप्रतिनिधियों को कोसते रहे हैं।
सुबह 8 से 10, शाम 4 से 7 और रात में 12 से भोर में चार बजे तक बिजली विभाग की तरफ से कटौती का समय निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके निर्धारित रोस्टरिंग के अलावा रात में कभी-कभी इमरजेंसी कटौती के नाम पर भी दो घंटे बत्ती गुल कर दी जा रही। शुक्रवार की रात तो बिजली विभाग ने हद ही कर दी।
लोग इस बात से निश्चिंत थे कि रात में 12 बजे कटौती होगी। लेकिन साढ़े 10 बजे ही बत्ती गुल हो गई। गर्मी से राहत पाने के लिए एक तरफ जहां अधिकांश लोग मकानों की छतों पर चले गए, वहीं कई लोग घरों से बाहर निकलकर दरवाजे और सड़क किनारे बैठकर बिजली का इंतजार करते रहे। साढ़े पांच घंटे बाद भोर में 4 बजे आपूर्ति सुचारू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। नींद पूरी न हो पाने का लोगों को दिनचर्या पर खराब प्रभाव पड़ा। इस संबंध में तलवल उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ शशिकांत ओझा ने बताया कि कंट्रोल के आदेश रात साढ़े 10 से भोर में 4 बजे तक कटौती की गई थी।