जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का निपुण आंकलन जाड़े की छुट्टियों के बाद 27 जनवरी से शुरु होगा। कक्षा-1 के बच्चों को 20 रुपये तक के नोट और सिक्कों और कक्षा-2 के बच्चे 100 रुपये तक के नोट की पहचान करेंगे तो उनको निपुण माना जाएगा।
कक्षा-1 एवं 2 के बच्चों की भाषा एवं गणित की दक्षता का आंकलन डीएलएड प्रशिक्षुओं की ओर से ऑनलाइन एप पर किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के तहत शिक्षा मंत्रालय ने बच्चों के पठन, समझ और लेखन कौशल पर विशेष जोर दिया है।
इसी के तहत निपुण भारत मिशन के लक्ष्य में संशोधन किया गया है। नए लक्ष्यों के अनुसार बाल वाटिका, कक्षा एक और दो में बच्चों की बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जिले में अब तक 1103 विद्यालय निपुण हो चुके हैं। निपुण सम्मान दिवस कार्यक्रम में निपुण विद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा और उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक ने जारी आदेश में कहा है कि डीएलएड प्रशिक्षु दिए गए विद्यालयों का आंकलन करेंगे।
इसके लिए डायट के प्राचार्य से कहा गया है कि वह प्रशिक्षुओं का रोस्टर तैयार कर 31 दिसंबर तक राज्य परियोजना कार्यालय को भेजें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि फरवरी के दूसरे सप्ताह तक सभी चिह्नित विद्यालयों का आंकलन तय समय में पूरा हो जाए।