गाजीपुर। अभी भी जिले के पांच सौ से अधिक माध्यमिक स्कूलों को बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनाने को लेकर असमंजस बरकरार है। जबकि जिला प्रशासन को 20 नवंबर तक केंद्राें की सूची क्षेत्रीय कार्यालय एवं कमिश्नर वाराणसी को भेजनी है। इसको लेकर ऊहापोह बना हुआ है।
बीते वर्ष पंजीकरण फार्म जमा नहीं होने से पांच सौ से अधिक माध्यमिक विद्यालयों की छात्र संख्या शून्य कर दी गई थी। इसमें सिर्फ 149 विद्यालयों ने ही पंजीकरण फार्म जमा किया था। बोर्ड ने 149 विद्यालयों के छात्रों को ही बोर्ड परीक्षा फार्म भरने की छूट दी थी। इनका फार्म भरकर बोर्ड को चला भी गया। शेष 500 से अधिक विद्यालयों के छात्रों का फार्म नहीं भरा गया। जब वित्तविहीन शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने इस समस्या की जानकारी मौजूदा डीआईओएस रामकरन यादव को दी तो उन्होंने साफ कहा कि जब तक माध्यमिक शिक्षा परिषद से कोई मार्गदर्शन पत्र नहीं आ जाता तब हम इसमें कुछ भी नहीं कर सकते। इसी बीच कुछ स्कूल संचालक अपनी समस्या को लेकर हाईकोर्ट की शरण में चले गए। हाईकोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव से लेकर सभी उच्चाधिकारियों को 20 नवंबर को कोर्ट में तलब किया है। संभावना है कि इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश के साथ सभी छात्रों का बोर्ड परीक्षा फार्म भरने की इजाजत दे दी जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक रामकरन यादव का कहना है कि शेष विद्यालयों के लिए मार्गदर्शन मांगी गया है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।