दुल्लहपुर। रेलवे स्टेशन पर लिच्छवी सहित अन्य प्रमुख ट्रेनों के ठहराव सहित कई अन्य मांगों को लेकर रविवार को भाजपा के कार्यकर्ता सड़क पर उतर पड़े। रेलवे क्रासिंग से जुलूस निकालकर भाजपाई रेलवे स्टेशन के पीछे ग्राउंड में पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर करीब चार घंटे तक हुंकार भरी। मौके पर पहुंचे मंडल परिचालन निरीक्षक निमेष शाही तथा उप जिलाधिकारी जखनिया को तीन सूत्री मांगपत्र सौंपा गया। उनके आश्वासन पर यह आंदोलन 10 जनवरी तक के लिए इस शर्त पर स्थगित कर दिया गया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो भाजपा की ओर से 11 जनवरी को फिर आंदोलन किया जाएगा।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत रविवार को भाजपा के प्रदेश महामंत्री प्रभूनाथ चौहान, निवर्तमान जिलाध्यक्ष वृजेंद्र राय के साथ जिलामंत्री अनिल कुमार पांडेय के नेतृत्व में क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता, बड़े पदाधिकारी तथा क्षेत्र के लोग दुल्लहपुर रेलवे क्रासिंग पर एकजुट हुए। करीब 10 बजे रेलवे क्रासिंग पर मजमा लग गया। इसके बाद भाजपा जिलामंत्री की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। यह जुलूस रेलवे क्रासिंग होते हुए दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन के पीछे रेलवे मैदान में पहुंचा और वहां सभा के रूप में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के जिलामंत्री अनिल कुमार पांडेय ने कहा कि दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन उपेक्षा का दंश झेल रहा है। यहां पर आवश्यक सुविधाएं अभी तक मयस्सर नहीं हो सकी हैं। लिच्छवी जैसी ट्रेन इस स्टेशन से होकर गुजर जाती है लेकिन उसका ठहराव यहां अभी तक सुनिश्चित नहीं किया गया। इसकी मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। मजबूर होकर आंदोलन की बिगुल फूंकनी पड़ी।
इस दौरान मंडल परिचालन निरीक्षक निमेष शाही तथा उप जिलाधिकारी जखनिया मौके पर पहुंचे तो उन्हें मांगों से संबंधित तीन सूत्री मांगपत्र सौंपा गया। जिसमें दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन पर पीआरए दो घंटे के बजाए आठ घंटे तक चालू करने, लिच्छवी सहित अन्य प्रमुख ट्रेनों का ठहराव तथा छपरा-बलिया-बाया मडुवाडीह ट्रेन के तत्काल चालू करने की मांग शामिल थी।
भाजपा जिलामंत्री के मुताबिक इसमें पहली मांग को मंडल परिचालन निरीक्षक ने मान लिया और घोषणा की कि सोमवार से पीआरए आठ घंटे तक नियमित रूप से चालू रहेगा जबकि अन्य दो मांगों को रेलवे मंत्रालय के पास भेजे जाने की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी तीनों मांगें पूरी नहीं की गईं तो 11 जनवरी को फिर से आंदोलन किया जाएगा।