गाजीपुर। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उज्ज्वल अंबेश के खिलाफ बीते तीन दिनों से कलम बंद हड़ताल कर रहे कर्मियों को सोमवार को जिला पंचायत सदस्यों एवं तीन सदस्यीय कमेटी ने समर्थन दिया है। समिति, अधिकारियों एवं कर्मचारी नेताओं के बीच हुई वार्ता के बाद यह फैसला लिया गया कि एएमए को जिला पंचायत में नहीं बुलाया जाएगा। इसके बाद कर्मचारी नेताओं ने अपनी हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी।
जिला पंचायत की चेयरमैन रहीं गीता पासी के हटने के बाद शासन ने पिछले दिनों तीन सदस्यों की कमेटी बनाई थी। इस समिति ने पदभार ग्रहण करने के बाद सबसे पहले अपर मुख्य अधिकारी उज्ज्वल अंबेश को जिला पंचायत में दोबारा बुलाने का आदेश जारी कर दिया गया। इस आदेश की प्रतिलिपि शासन एवं कमिशभनर को भेज दी गई थी। समिति के फैसले की जानकारी होने के बाद जिला पंचायत के कर्मचारियों ने एएमए के आने का जमकर विरोध किया। जब समिति ने अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो कर्मचारियों ने तीन दिन पहले कलमबंद हड़ताल की घोषणा कर दी। इसके बाद जिला पंचायत के अधिकांश कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो गए। कर्मचारियों की हड़ताल देखते हुए सोमवार को जिला पंचायत सदस्यों ने पीजी कालेज स्थित शिव वाटिका में इस संबंध में चर्चा की। इसके बाद सदस्यों ने कर्मचारियों को बताया कि हम लोग भी एएमए के आने के विरोध में है। जिस अधिकारी ने कर्मचारियों का उत्पीड़न किया है। ऐसे अधिकारी को किसी भी कीमत पर अपर मुख्य अधिकारी पद पर नहीं आने दिया जाएगा। इसके बाद अध्यक्षीय कमेटी के सदस्य राधेश्याम सिंह, सीडीओ राजबहादुर, सांसद राधेमोहन सिंह एवं कर्मचारी नेताओं की बैठक जिला पंचायत हाल में हुई। बैठक मेें समिति के सदस्य राधेश्याम ने घोषणा किया कि हम लोग कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी सदस्य भी चाहते हैं कि अपर मुख्य अधिकारी का कार्यभार सीडीओ ही देखें। राधेश्याम के इतना कहते ही कर्मचारी नेताओं ने अपनी हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी। बैठक में मौजूद सांसद राधेमोहन सिंह ने कहा कि सभी चाहते हैं कि जिला पंचायत से जिले का संपूर्ण विकास हो। जिस अधिकारी ने सदस्यों एवं कर्मचारियों का अपमान किया है उसे यहां पर नहीं बुलाया जाएगा। उधर सीडीओ राजबहादुर ने बताया कि जिला पंचायत के कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। एएमए को बुलाने का फैसला समिति ने टाल दिया है।