गाजीपुर। शासन ने मजदूर दिवस पर श्रमिकों को एक सौगात दी है। अब भुगतान को लेकर सेवायोजक और मजदूर के बीच रार नहीं ठनेगी। शासन ने मजदूरों की मजदूरी का भुगतान उसकी लिखित सहमति से चेक के माध्यम से करने का आदेश दिया है। यही नहीं इसके लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों में उनका खाता जीरो बैलेंस पर खोला जाएगा।
गौरतलब है कि श्रम विभाग को तमाम शिकायतें मिल रहीं थी कि श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं प्राप्त हो रहा है। जबकि महंगाई भत्ते में समय-समय पर वृद्धि होती है। इन वजहों से जहां श्रमिकों का शोषण होता है वहीं अशांति की संभावना भी पैदा होती है। इसको ध्यान में रखते हुए श्रम विभाग ने हाल ही में एक फरमान जारी किया है। इसमें उसने कहा है कि श्रमिकों का भुगतान उनकी लिखित सहमति से चेक के माध्यम से या उनकेबैंक खाते में उनकी मजदूरी को क्रेडिट किया जाना उचित होगा। यही नहीं इसके लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों में श्रमिक जीरो बैलेंस पर अपना खाता भी खुलवा सकेंगे। सरकार के इस फैसले से श्रमिकों को लाभ दिलाना जहां सुलभ होगा वहीं मालिक और श्रमिक के बीच परस्पर सौहार्द का वातावरण स्थापित होगा। इस संबंध में सहायक श्रमायुक्त सुरेंद्र राय ने बताया कि सेवायोजक एवं श्रमिक केबीच सौहार्द बढ़ने से श्रमिकों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। विशेषकर ईंट-भट्ठा उद्योग में मजदूरी भुगतान उचित तरीकेसे नहीं किया जा रहा है। शासन की मंशा है कि श्रमिकों को चेक से या खाते में मजदूरी दी जाए।