गाजीपुर। प्रदेश सरकार का सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में एक्सरे कराने का दावा पूरी तरह से हवाई साबित हो रहा है। इस सुविधा का लाभ लेने दूर दराज से जिला अस्पताल आ रहे मरीजों को एक्सरे प्लेट नहीं होने की बात कह कर लौटा दिया जा रहा है। ऐसे में इसका फायदा दलाल जरूर उठा रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने कुछ महीने पहले सरकारी अस्पतालों में पैथालाजिकल एवं एक्सरे की मुफ्त में जांच होने का ऐलान किया था। लेकिन इसके लिए अस्पतालों को जरूरी संसाधन मुहैया नहीं कराए गए। जिला अस्पताल की बात करें तो यहां पिछले कई दिनों से एक्सरे प्लेट खत्म है। पिछले माह डीएम चंद्रपाल सिंह की पहल रेडक्रास समिति की ओर से एक्सरे के लिए एक लाख की सहायता दिलाई गई थी। उसके बाद मरीजाें को एक्स-रे सुविधा मिलनी शुरू हुई थी। लेकिन बजट समाप्त होने के कारण एक्स-रे पर फिर से संकट आ गया है। मंगलवार को जिला अस्पताल में एक्सरे कराने आई महराजगंज की गुड़िया, मेदिनीपुर के आशुतोष राय ने बताया कि एक्सरे कराने के लिए वह सुबह से ही पहुंचे हैं। 11 बजे तक इंतजार करने े बाद उन्हें एक्सरे प्लेट नहीं होने की बात कह कर वापस लौटा दिया गया। इस बाबत पूछे जाने पर जिला अस्पताल के सीएमएस डा. बीजेपी सिन्हा ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में पैथलाजी एंव एक्स-रे नि:शुल्क कराने का ऐलान शासन ने तो कर दिया लेकिन संसाधनों के लिए धन मुहैया नहीें कराया। एक्सरे के लिए पहले रोगियों से तीस रुपए शुल्क लिया जाता था। इसी से एक्सरे प्लेट मंगाई जाती थी। अब जांच नि:शुल्क हो जाने सेे यह आमदनी बंद हो गई है। ऐसे में एक्सरे विभाग पर संकट आ गया है। एक्स-रे प्लेट समाप्त होने की वजह से फिलहाल केवल दुर्घटना आदि मामलों के ही एक्स-रे हो रहे हैैैैं।