गाजीपुर। प्रदेश शासन ने गेहूं क्रय केंद्रों की संख्या पूरे प्रदेश में घटाकर यह संकेत दे दिया है कि क्रय केंद्रों पर प्रचार के बाद भी किसान नहीं पहुंच पा रहे हैं। अब तक शासन एक हजार क्रय केंद्रों की संख्या घटा चुका है। पहले 60 लाख एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब इसमें कमी आ गई है। इसके पीछे क्रय केंद्रों पर किसानों का न पहुंचना मुख्य कारण माना जा रहा है।
बीते मार्च महीने में शासन ने गेहूं क्रय नीति जारी की थी। इस नीति के तहत पूरे प्रदेश में छह हजार गेहूं क्रय केंद्रों से 60 लाख एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। कहा गया था कि प्रदेश के सभी छह हजार क्रय केंद्रों पर एक अप्रैल से खरीद शुरू की जाएगी। किसानों के क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंचने और अधिकारियों की लोकसभा चुनाव में व्यस्तता को देखते हुए शासन ने बीते दिनों क्रय नीति में संशोधन का पत्र जारी किया। प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद ने कहा कि अब प्रदेश में छह हजार से घटाकर पांच हजार गेहूं क्रय केंद्र कर दिया गया है। साथ ही गेहूं क्रय का भी लक्ष्य 60 लाख के स्थान पर 45 लाख कर दिया गया है। देखा जाए तो वाराणसी मंडल में 192 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें गाजीपुर में 41, जौनपुर में 72, चंदौली में 57 और वाराणसी जिले में 22 क्रय केंद्र शामिल किए गए हैं। मंडल में गेहूं खरीद के लिए विपणन शाखा को 25, पीसीएफ को 122, यूपी एग्रो को आठ, यूपी एसएस को 13, कर्मचारी कल्याण निगम को नौ, एनसीसीएफ को 11 और एफसीआई को चार क्रय केंद्र दिए गए हैं। देखा जाए तो गाजीपुर जिले में पहले 56 क्रय केंद्र थे लेकिन अब घटकर 41 हो गए हैं। किसी भी केंद्र पर अभी तक एक पाई भी गेहूं की खरीद नहीं हो सकी है।