गाजीपुर। प्राथमिक विद्यालयों में यदि बच्चे मध्यान्ह भोजन से वंचित रहेंगे तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मध्यान्ह भोजन में किसी भी तरह की लापवाही की जिम्मेदारी एबीएसए, प्रधानाध्यापक और प्रधान की होगी।
जिलाधिकारी चंद्रपाल सिंह ने बुधवार को राइफल क्लब सभागार में सभी खंड शिक्षाधिकारियों, उप जिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों की बैठक में यह बातें कही। इस मौके पर शिकायत पाई गई कि बाराचवर के 188 में से 38 विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन नहीं दिया गया है। इसी तरह बिरनो में 143 में 21, भदौरा, देवकली में 21-21, भांवरकोल, मुहम्मदाबाद 18-18, कासिमाबाद 33, करंडा 29, सैदपुर 32, मरदह 15, मनिहारी 20, सादात 17, रेवतीपुर 16, जमानिया 27 व सदर के 22 विद्यालयों में एमडीएम नहीं बन रहा है। उन्होंने खंड शिक्षाधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि पहली जनवरी से यदि किसी भी प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम नहीं बनी तो क्षेत्र के खंड शिक्षाधिकारी दंडित होंगे। उन्होंने चेताया कि मध्यान्ह भोजन वितरण में जिस प्रधानाध्यापक की लापरवाही उजागर होगी उनको सेवामुक्त किया जाएगा। इस अवसर पर सीडीओ रामअवतार, एडीएम जितेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे।