दिलदारनगर। आतंकियों के हमले में शहीद सीआरपीएफ के एएसआई उदितनारायण उपाध्याय का शव शुक्रवार की शाम उनके पैतृक गांव साधोपुर सुहवल पहुंचा। शव पहुंचते ही गांव में गम की चादर तन गई। बाद में सम्मान के साथ शहीद जवान अंतिम संस्कार गाजीपुर स्थित शमशानघाट पर किया गया। उपस्थित लोगों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी।
गांव के बासुदेव उपाध्याय के पुत्र उदितनारायण वर्ष 1981 में सीआरपीएफ की 29वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। पदोन्नति के बाद वह एएसआई बन गए थे और करीब दो वर्षों से श्रीनगर में तैनात थे। बुधवार को गश्त के दौरान श्रीनगर के लालचौक से करीब सात किलोमीटर दूर नौगाम बाईपास पर आतंकियों के हमले में उदितनारायण शहीद हो गए। शहीद उदित नारायण का शव वायुयान से पहले बाबतपुर इसके बाद वहां से सड़क मार्ग से होते हुए उनके पैतृक गांव आज देर शाम पहुंचा। शुभचिंतकों के साथ ही गांव के लोगों की भीड़ अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करने उनके पैतृक आवास पर जुट गई। शहीद के शव के साथ आए सीआरपीएफ के कमांडेंट एस चौधरी एवं सहायक कमांडेंट रंजीत मौर्य एवं अन्य जवानों ने शहीद एएसआई को गार्ड आफ आनर दिया। इस दौरान उनके पैतृक आवास पर पहुंचे विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी, फेफना के विधायक उपेंद्र तिवारी, प्रमुख अजय यादव, पूर्व विधायक पशुपतिनाथ राय, क्षेत्राधिकारी चंद्रभान शुक्ला, उपजिलाधिकारी कैलाश सिंह तथा थानाध्यक्ष सुहवल प्रवीण यादव ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किया।