गाजीपुर। बिरनो ब्लाक के ग्राम पंचायत बद्धोपुर में पक्के मकान वाले लोगों को इंदिरा आवास आवंटित किए जाने के मामले का खुलासा हुआ है। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से अपात्रों को आवास आवंटित किए गए। डीडीओ और डीसी मनरेगा ने अपनी जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी रामअवतार को सौंप दी है। इंदिरा आवास में नया घपला उजागर होने के बाद दोषी अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
वित्तीय वर्ष 2012-13 में बिरनो ब्लाक के ग्राम बद्धोपुर में बीडीओ और एनआरपी लिपिक की रिपोर्ट पर गांव के 43 गरीब आवासहीनों को आवास के लिए धनराशि आवंटित की गई। एक आवास की लागत 45 हजार रुपये तय की गई थी। यह धनराशि जाने के बाद गांव में इसकी खबर ग्राम प्रधान के विरोधियों को लग गई। उन्होंने बीपीएल सूची में उन लोगों के नाम देखे जो न सिर्फ पक्के मकान के मालिक थे बल्कि उनके घरों में ट्रैक्टर और अन्य सुविधा संपन्न चीजें थीं। उन्होंने इसकी जानकारी एक जनप्रतिनिधि को दी। इसपर सितंबर माह में हुई डीआरडीए की बैठक में यह मामला उठा। इस खुलासे के बाद सीडीओ ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्होंने डीएम की सहमति पर जिला विकास अधिकारी एससी राय और उपायुक्त श्रम एवं रोजगार अनय मिश्रा को जांच अधिकारी नामित किया दोनों जांच अधिकारियों ने गांव पहुंचकर वहां ग्रामीणों की खुली बैठक बुलाई और लाभार्थियों का नाम सुनाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि इसमें करीब 19 लोग ऐसे हैं जिनके पास पहले से ही मकान हैं। अधिकारियों ने साक्ष्य के लिए उन लोगों के घरों की वीडियोग्राफी कराई। इसकी आख्या रिपोर्ट बनाकर सीडीओ को प्रेषित कर दिया। रिपोर्ट में लिखा है कि बद्धोपुर गांव में नियम विरुद्ध आवास का आवंटन किया गया है। ऐसे भी लोगों को आवास दिए गए हैं जो आवास के हकदार नहीं हैं। दोनों जांच अधिकारियों ने ग्राम प्रधान, सचिव, एनआरपी लिपिक, बीडीओ और जिम्मेदार अधिकारियों को दोषी माना है। जांच रिपोर्ट मिलने पर इसका अध्ययन सीडीओ कर रहे हैं। इस संबंध में जांच अधिकारी डीडीओ एससी राय ने बताया कि बद्धोपुर गांव में नियम विरुद्ध इंदिरा आवास आवंटन किया गया है। फाइल सीडीओ को प्रेषित कर दी गई है।