गाजीपुर। जिले में विश्वविद्यालय स्थापना की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले छात्र नेताआें का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को राइफल क्लब में तहसील दिवस के दौरान एडीएम जितेंद्र कुमार से मिला और उन्हें मांग पत्र सौंपा। छात्रों ने मांग रखी कि आंदोलन के दौरान निर्दोष छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की जांच में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। छात्रों ने दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल पीजी कालेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि गांधीवादी तरीके से हो रहे आंदोलन को भी अधिकारियों ने नहीं बख्शा। इस मामले में जिलाधिकारी चंद्रपाल सिंह की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच का जिम्मा सीआरओ को सौंपा गया है। जांच के सिलसिले में जब उनसेे मिला गया तो उनकी ओर से न तोे संतोषजनक उत्तर ही दिया गया और न ही उनका बयान ही दर्ज किया। यही नहीं साक्ष्य के लिए फोटोग्राफ देने की कोशिश की गई लेकिन उसे लेने से जांच अधिकारी ने साफ इंकार कर दिया। इसलिए मामले की जांच ठिठकी हुई है और लाठीचार्ज के दोषी अधिकारी अपनी डींग हांक रहे हैं। अधिकारी जानबूझ कर छात्रों के आंदोलन को कुचलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि गाजीपुर यूजीसी के मानक को भी पूरा करता है। यहां पर कुल 144 महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। ऐसे में जौनपुर जाकर सरकारी कार्य कराना महाविद्यालय के लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इसके बाद भी हम लोगों का आंदोलन जारी रहेगा। एडीएम जितेंद्र कुमार ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। इस मौके पर चंदन पाल, अभिषेक राय, संदीप राय, भोला भाई, प्रवीण दूबे, सत्येंद्र गुप्ता, अमित अग्रहरी, ऋषभ राय, दिव्या प्रधान, कमलेश, आफताब आलम, पंकज गौड़ सहित दर्जनों छात्र मौजूद रहे।