जनपद में फेमिली आईडी कार्ड बनाने का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। इस महीने के अंत तक जनपद में कुल 94 हजार फेमिली आईडी कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया है लेकिन अब तक 30 हजार फेमिली आईडी कार्ड ही बन पाए हैं।
फेमिली आईडी कार्ड बनाने की सुस्त रफ्तार को देखते हुए सवाल उठता है कि 17 दिनों में 68414 फेमिली आईडी कार्ड कैसे बन पाएंगे। वहीं शासन की ओर से हर किसी का फेमिली आईडी कार्ड बनाने का निर्देश दिया गया है।
फेमिली आईडी कार्डधारकों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। इसके जरिये सरकार लोगों का लाइव डेटा तैयार कर रही है। फेमिली आईडी कार्ड के तहत 12 अंकों का यूनिक नंबर जारी किया जाता है, जिससे परिवार की पहचान होती है। कार्ड से परिवार के सदस्यों की जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की जानकारी मिल सकती है।
ब्लॉक स्तर पर फेमिली आईडी बनाने की जिम्मेदारी बीडीओ को दी गई है। इसके लिए आवेदक खुद भी वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं जनपद में वर्ष 2023 में फेमिली आईडी कार्ड बनाने की कवायद शुरू हो गई। शुरुआत में इसका प्रचार-प्रसार किया गया, ताकि लोग इसके प्रति जागरूक हो सकें।
कार्ड बनाने का कार्य वर्ष 2024 से चल रहा है। सीडीओ संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि जिनके पास राशन कार्ड है, उनका फेमिली कार्ड नहीं बनना है। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, सिर्फ उन्हीं का फेमिली आईडी कार्ड बनाया जा रहा है।