गाजीपुर। मंगलवार को पारा 44 के पार रहा। इससे गर्मी के साथ ही उमस का जबरदस्त प्रभाव रहा। मौसम की मार और हर कोई बेहाल रहा। सूर्य के तप से धरती से भी आग निकल रही थी। मौसम की मार से सबसे ज्यादा वह लोग परेशान दिखे, जो किसी कार्यवश घर से निकले थे। तेज धूप के बीच पसीना से तर-बतर होकर आवागमन करने को विवश हुए। परेशान लोग मौसम की दुहाई देते रहे।
पिछले करीब दस दिनों से आसमान से आग बरस रही है। गर्मी के बीच उमस का आलम यह है कि यह एक पल के लिए भी लोगों के तन और मन से जुदा नहीं हो पा रही है। इससे लोग बेचैन रह रहे हैं। तेज धूप के बीच आवागमन करने वालों का तन झुलस रहा है। लोगों द्वारा लाख जतन करने के बाद भी कोई खास राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम की मार से सबसे ज्यादा परेशानी रिक्शा चलाने और दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है। गर्मी और धूप में पसीना बहाने के बाद उनके घरों का चूल्हा चल रहा है। बच्चे को मौसम की नजर न लगे, इस आशंकावश अभिभावक बच्चों को छोटा और टोपी पहनाकर स्कूल भेज रहे हैं। जो बच्चे वाहन से स्कूल आ-जा रहे हैं, उन्हें तो कोई खास परेशानी नहीं हो रही है, लेकिन जो बच्चे पैदल स्कूल आ-जा रहे हैं, वह दोपहर में छुट्टी होने के बाद झुलसा हुआ चेहरा लेकर घर पहुंच रहे हैं। इस दौरान तपिश की वजह से प्यास लगने पर पास मौजूद बाटल के पानी से अपना गल तर कर रहे हैं। मंगलवार को मौसम का हाल यह रहा है कि पारा 44 के पार रहा। तप से जहां धरती से आग निकल रही थी, वहीं लोगों की मकान की दीवारे गर्म हो गई थी। जिन लोगों का मकान एक मंजिला है, उनका पंखा पूरी तरह से गर्म हवा दे रहा था, जिससे उनका कमरा में रहना दुश्वार था। दोपहर में छुट्टी के बाद छोटे-छोटे बच्चे पसीना से तर-बतर होकर घर पहुंचे। इसके साथ ही मार्गों पर आवागमन करने वाले भी तेज धूप से बेहाल नजर आए। नाममात्र को वहीं लोग धूप में आते-जाते दिखाई दिए, जिनकी कुछ मजबूरी थी। दोपहर में नगर की तमाम सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। नाममात्र के लोग ही आवागमन करते हुए दिखाई दिए। परेशान लोग मौसम की दुहाई देते हुए यह कहते रहे कि बारिश होने के बाद गर्मी से राहत मिलेगी।