गाजीपुर। मिजिल्स-रुबेला टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता के लिए जिले में प्रयास आरंभ कर दिया गया है। रोग से बचाव के लिए शहर के लोग सड़कों पर उतर आये। इसी के तहत शुक्रवार को जनपद स्तरीय जागरूकता रैली निकाली गई। रैली का उद्घाटन जिलाधिकारी के बालाजी, मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जीसी मौर्या ने हरी झंडी दिखा कर किया। लंका मैदान से प्रारंभ रैली विभिन्न रास्तों से होते हुए आमघाट सहकारी कॉलोनी स्थित गांधी पार्क में समाप्त हुई। इसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों के बच्चे, स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट, एनएसएस के छात्रों ने व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए भ्रमण किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को मिजिल्स, रुबेला के टीके अवश्य लगवाएं। उक्त टीके से किसी प्रकार की हानि नहीं होती है।
मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया ने बताया कि खसरा और रुबेला जानलेवा रोग है। वर्ष 2020 तक भारत सरकार की ओर से मिजिल्स को खत्म करने एवं कंजिनिटल रुबेला सिंड्रोम को कंट्रोल करने के लिए बड़े पैमाने पर चरणबद्ध तरीके से टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान की शत-प्रतिशत सफलता सुनिश्चित की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जीसी मौर्या ने नवजातों को लगने वाले टीके से दो तरह से फायदे होने के संबंध में बताया। उक्त टीकाकरण कार्यक्रम 10 दिसंबर से 17 जनवरी तक चलाया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि जिले में 13 लाख बच्चों को मिजिल्स और रुबेला का टीका लगाने का लक्ष्य है। इनके प्रतिरक्षण के लिए प्रतिदिन लगभग 480 टीमों को लगाया गया है। एसएमओ डब्लूएचओ डॉ. पंकज ने मिजिल्स रोग के सिंड्रोम के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पूरे विश्व में लगभग 134 हजार बच्चों की मौत केवल मिजिल्स से होती है। इसके उन्मूलन के लिए वर्ष 2020 तक टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष विनोद अग्रवाल, डॉ. केके वर्मा, प्रभुनाथ, अनिल कुमार, अशोक कुमार, विवेक राय, अभिषेक राय, संजीव कुमार सिंह, बृजेश श्रीवास्तव, शोभनाथ यादव, राजेश कुमार, यूनिसेफ की प्रतिनिधि मीनाक्षी, अमित राय, विजय श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।