गाजीपुर। गर्मी का सीजन नजदीक आने के साथ आग की घटनाओं में वृद्धि हुई है। विभाग के पास संसाधन मौजूद हैं, लेकिन चालकों की कमी के कारण आग बुझाना कठिन हो गया है। इसे पटरी पर लाने के लिए कई बार शासन को पत्र भेजा जा चुका है। बावजूद लंबे समय से रिक्त चल रहे चालकों के पद को अभी तक नहीं भरा जा सका है। अभी गर्मी की शुरूआत है, जिसमें एक जनवरी से मार्च तक आग की कुल 68 घटनाएं हुई। जिसमें से 66 जगह अग्निशमन दस्ता किसी तरह पहुंचा। एक साथ कई स्थानों पर आग लगने की स्थिति में विभाग के पास आग बुझाने की कोई व्यवस्था नहीं है। देखा जाए तो तीन माह में अग्निशमन दस्ते ने अपने प्रयास से एक करोड़ 90 लाख 44 हजार छह सौ रुपये की क्षति को बचाया है। जबकि आग से 32 लाख 15 हजार पांच सौ रुपये की संपत्ति जलकर राख हुई है।
जिले में अग्निशमन सप्ताह मनाया जा रहा है। प्रतिदिन लोगों को प्रशिक्षित करने का काम भी किया जा रहा है। बावजूद इसके आग की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। शार्ट-सर्किट और अज्ञात कारणों से खेत-खलिहानों के साथ झोपड़ियों में आग के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। अधिकांश आग की घटनाओं में अग्निशमन दस्ता मौके पर नहीं पहुंच पाता है। अगर पहुंचता भी है तो काफी देर हो जाती है और तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है। ऐसे में ग्रामीण कड़ी मशक्कत कर आग बुझा लेते हैं। अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट देखी जाए तो एक जनवरी से 31 मार्च तक आग की 68 सूचना मिली है। सूचना के आधार पर 66 जगहों पर अग्नि शमन दस्ता मौके पर पहुंचा है। जबकि दो सूचनाएं गलत निकल गईं। अगलगी की हुई घटनाओं में 32 लाख 15 हजार पांच सौ रुपये की क्षति हुई है, जबकि एक करोड़ 90 लाख 44 हजार छह सौ रुपये का सामान जलने से बचा लिया गया। पिछले तीन महीने में आग की घटना में एक मनुष्य और तीन पशुओं की मौत हो गई। आग से तीन पशुओं को भी बचाया गया। सदर, मुहम्मदाबाद और जमानिया में मात्र तीन ही चालक तैनात हैं, जबकि यहां चालक के सात पद सृजित हैं। लंबे समय से चार पद रिक्त चल रहे हैं। साथ ही पांच फायर ट्रेंड, तीन बोलेरो पंप ले जाने के लिए और तीन वाटर मिस्ट भी उपलब्ध है। संसाधन उपलब्ध होने के बाद भी चालकों की कमी से काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस संबंध में मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल ने बताया कि चालकों की कमी से दिक्कत आ रही है। बावजूद अग्निशमन की गाड़ियां सूचना पर पहुंचती हैं। इस समय कई जगहों पर आग लगने की सूचना मिलती रही है। ऐसी स्थिति में एक घटना स्थल से दूसरे स्थल पर पहुंचने में काफी समय लग जाता है।