ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित एएनएम उपकेद्रों के बंद रहने से टीकाकरण का कार्य पूरी तरह से फ्लाप होता जा रहा है। यही वजह है कि शासन की प्रमुख प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को वंचित होना पड़ रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि जिले में इन उपकेंद्रों से अधिक एएनएम मौजूद हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग उपकेंद्रों का संचालन पूर्ण रूप से कराने में पूरी तरह से विफल साबित हो रहा है।
ब्लाक स्तर पर स्थापित सीएचसी और पीएचसी की दूरी ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक होने के कारण गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं का टीकाकरण करने के लिए जिले में 393 एएनएम सेंटर (स्वास्थ्य उपकेंद्र) स्थापित कराए गए। काफी समय से 60 उपकेंद्र एएनएम के अभाव में बंद चल रहे हैं। जबकि वर्तमान समय में एएनएम की संख्या 487 है। अगर सूत्रों की मानी जाए तो तीन से चार एएनएम सीएचसी और पीएचसी पर तैनात हैं। जबकि अधिकांश एएनएम सिर्फ उपस्थिति पंजिका पर उपस्थिति बनाकर गायब हो जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और एएनएम की लापरवाही के चलते ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं का टीकाकरण नहीं होता है। जिन उपकेंद्रों पर एएनएम तैनात हैं उनके रात्रि निवास न करने से गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकीय सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। जानकारी होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के बेपरवाह बने रहने से शासन की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
जिन सेंटरों पर एएनएम नहीं हैं, उन्हें वहां तैनात किया जा रहा है। कार्य में लापरवाही बरतने वाली एएनएम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डा. जीसी मौर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी
10 माह से बंद पड़े पांच उपकेंद्र
भांवरकोल। क्षेत्र के जसदेवपुर, महेन, सुखडेहरा, वीरपुर प्रथम और द्वितीय स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र करीब 10 माह से बंद पड़े हुए हैं। गोड़उर सीएचसी से संचालित होने वाले इन उपकेंद्रों के बंद रहने से एक दर्जन से ऊपर गांव की गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को टीकाकरण के लिए 20 किमी की दूरी तय कर मुहम्मदाबाद सीएचसी जाना पड़ता है। पूर्व में चला सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान भी इनके बंद रहने से फिसड्डी रहा। गोड़उर सीएचसी के प्रभारी अधीक्षक इन उपकेंद्रों के बंद रहने पर ग्रामीणों को गोलमोल जवाब देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
योजना से वंचित हो रही ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं
जिले में 60 उपकेंद्रों के लंबे समय से बंद रहने के चलते ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं से पूर्ण रुप से वंचित होना पड़ रहा है। वर्तमान समय में केंद्र सरकार की तरफ से संचालित प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लाभ से ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को वंचित होना पड़ रहा है। वजह टीकाकरण होने के बाद ही एएनएम द्वारा प्रथम गर्भवती महिलाओं का आंकड़ा एकत्र कर पोर्टल पर अपलोड कराया जाता है। उपकेंद्र के बंद रहने से न तो टीकाकरण का लाभ गर्भवती महिलाओं को मिल रहा है और न ही योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है।