सहायक संभागीय परिवहन विभाग में अब सभी प्रकार के टैक्स ऑनलाइन जमा होंगे। इसके लिए शासन स्तर से सारथी और वाहन फोर साफ्टवेयर जारी होने जा रहा है। इन साफ्टवेयरों के माध्यम से वाहन स्वामियों को 24 घंटे टैक्स जमा करने की आजादी होगी। 10 फरवरी के बाद कार्यालय में टैक्स जमा करने की झंझट खत्म हो जाएगी। अब केवल कामर्शियल वाहनों का ही टैक्स काउंटर से जमा किया जाएगा। इन साफ्टवेयरों के माध्यम से वाहनों का रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर, ड्राइविंग लाइसेंस, डुप्लीकेट पेपर आदि की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध होगी। दलालों के मकड़जाल से भी एआरटीओ विभाग को मुक्ति मिलने वाली है। इसका जिले के वाहन स्वामियों ने भरपूर स्वागत किया है।
शासन ने एआरटीओ विभाग में दलाली और वाहन स्वामियों की ठगी बंद करने के लिए नई सुविधा प्रदान की है। इसके लिए सारथी और वाहन फोर जैसी सुविधा अब जिलेवासियों को मिलेगी। विभाग इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। सालों से एआरटीओ में दलालों के वर्चस्व और आए दिन पैसे को लेकर हो रहे विवाद से पूर्णत: निजात दिलाने के लिए दो साफ्टवेयरों से इसे लैस किया जाएगा। विभाग के कंप्यूटरों को भी इन साफ्टवेयरों से जोड़ा जाएगा। यह सुविधा बहुत जल्द शुरू होगी। सारथी और वाहन फोर साफ्टवेयर से लैस हो जाने से वाहन स्वामियों को आए दिन कार्यालय का चक्कर काटने और दलालों से पूर्णत: मुक्ति मिल जाएगी। अब इंटरनेट के माध्यम से वाहन संचालक अपने वाहनों का टैक्स जमा करने से लेकर वाहनों के रजिस्ट्रेशन, स्थानांतरण, लाइसेंस और डुप्लीकेट कॉपी की फीस तक जमा कर सकेंगे। वाहनों के कागजात अपडेट करने का कार्य आसानी से किया जाएगा। आमजनों को वाहन चलाने के लिए लाइसेंस बनाने के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। अब लर्निंग लाइसेंस की फीस भी ऑनलाइन जमा होगी। इसके बाद परीक्षार्थी को परीक्षा के लिए मोबाइल पर मैसेज भेजकर सूचना दी जाएगी। परीक्षा के लिए एक दिन में मात्र 50 परीक्षार्थियों को बुलाया जाएगा। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन ही लाइसेंस प्राप्त हो जाएगा। कासिमाबाद तहसील क्षेत्र के वाहन स्वामी उदय नारायण सिंह, मनीष सिंह, प्रभुनाथ कुशवाहा, गोपाल यादव आदिन ने बताया कि शासन की यह पहल सराहनीय है। इस दौरान में परिवर्तन जरूरी है। अब वाहन स्वामी ठगी और शोषण से बच सकेंगे।
इस संबंध में एआरटीओ विनय कुमार ने बताया कि इन साफ्टवेयरों के लैस हो जाने से वाहन स्वामियों को भागदौड़ से मुक्ति मिल जाएगी। दलालों के मकड़जाल से विभाग को पूर्णत: मुक्ति मिल जाएगा। यह साफ्टवेयर काफी बेहतर साबित होगी।
25 से 30 जनवरी से शुरू होगा नए साफ्टवेयर का काम
25 जनवरी से 30 जनवरी तक विभाग के कंप्यूटर नए साफ्टवेयर से लैस होंगे। इसके लिए पांच दिनों तक विभाग का कार्य बाधित रहेगा। उन्होंने बताया कि 24 जनवरी तक वाहन संबंधित कार्य जैसे वाहन संबंधित परमिट, फिटनेस और अन्य कार्य कार्यालय में पहुंच कर करा लें। इसके बाद पांच दिनों तक कार्य नहीं हो पाएगा। इस साफ्टवेयर को अपलोड करने के लिए लखनऊ की टीम 25 जनवरी से कार्य शुरू कर देगी।
अब 24 घंटे जमा कर सकते हैं टैक्स
गाजीपुर। अब वाहन स्वामी अपने वाहनों का टैक्स आसानी से 24 घंटे जमाकर सकते हैं। अब उन्हें लाइन में खड़े रहकर और विभाग चक्कर काटने से पूर्णत: मुक्ति मिल जाएगी। साफ्टवेयर के अपलोड होते ही इसका लाभ वाहन स्वामियों को मिलने लगेगा। अभी तक टैक्स जमा करने के लिए विभाग के कार्यालय का चक्कर काटते थे। साथ ही कतार में खड़ा होकर अपनी बारी आने का घंटों इंतजार करना पड़ता है। इससे अब 30 जनवरी के बाद से मुक्ति मिल जाएगी।
कामर्शियल वाहनों का ही सिर्फ जमा होगा टैक्स
गाजीपुर। कामर्शियल वाहनों का टैक्स ही एआरटीओ विभाग में जमा हो सकेगा। यह 10 फरवरी से लागू हो जाएगा। इसके अलावा, अन्य कार्यों की फीस कार्यालय के काउंटर पर जमा नहीं हो पाएंगे।