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अगस्त में हो रहा मई-जून का एहसास

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गाजीपुर। पिछले कई दिनों से मौसम का तेवर जिस तरह से तल्ख है, उससे लोगों को अगस्त माह में मई-जून का एहसास हो रहा है। मौसम की बेरहमी से लोग पूरी तरह से बेहाल हैं। मंगलवार को गर्मी के बीच उमस का जबरदस्त प्रभाव बना रहा। इससे हर कोई बेहाल रहा। राहत के लिए लोग धूप-छांव के बीच अच्छी बारिश का इंतजार करते रहे।
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करीब दो सप्ताह से मौसम में उतार-चढ़ाव के खेल जारी है। इस दौरान अचानक कभी तेज बारिश हो रही है तो बारिश बंद होते ही पुन: तेज धूप निकल जा रही है। थोड़ी सी बारिश होने पर उमस और गर्मी से राहत के बजाय उमस का प्रभाव और भी ज्यादा बढ़ जा रहा है। सोमवार की सुबह ही तेज धूप निकल गई थी। इसी बीच दिन में करीब साढ़े चार बजे अचानक काली घटाए छा गई और करीब पांच मिनट तक तेज बारिश हुई थी। बारिश होने तक तो मौसम सुहाना बना रहा, लेकिन बंद होने पर उमस में और भी इजाफा हो गया था। मार्गों पर जल-जमाव होने से आवागमन करने वालों की परेशानी भी बढ़ गई थी। रात में बिजली चमकने पर लोग बारिश की आस लगाने लगे, लेकिन बारिश नहीं हुई। मंगलवार की सुबह की सूर्यदेव ने अपना प्रभाव दिखाना शुरु कर दिया। धूप का आलम यह था कि खुले आसमान में एक पल भी खड़ा रह पाना लोगों के लिए संभव नहीं था। छांव में रहने पर भी उमस के बीच शरीर पसीना से तर-बतर हो जा रहा था। मौसम के मिजाज को देखते हुए जो बच्चे छाता लेकर स्कूल गए थे, वे तो दोपहर में छुट्टी होने पर इसके सहारे घर के जाते दिखाई दिए, लेकिन जिन बच्चों के पास छाता नहीं था, वह पसीना से भींगने के साथ हांफते हुए घर जाते नजर आए। मौसम को लेकर लोगों में चर्चा होती रही। लोगों की चर्चाओं में यह बात प्रमुखता से शामिल थी कि मौसम का जो हाल है, उससे अगस्त माह में मई-जून का एहसास हो रहा है। मौसम का जो हाल है, उससे जब तक पर्याप्त बारिश नहीं होगी, तब तक गर्मी से राहत मिलना संभव नहीं दिख रहा है।
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