गाजीपुर। जल निगम की ओर से चालू वित्तीय वर्ष में बनवाई गई पानी की 90 टंकियां की जांच कराई जाएगी। हालांकि अधिकारियों को 20 दिसंबर तक का समय दिया गया है ताकि इस दौरान सभी कमियां दुरुस्त कर ली जाएं। इसके बाद गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होगी। बीते दिनों दिशा की बैठक में अधिकारी गांवों का नाम नहीं बता पाएं जहां पानी टंकी बनी है। सूची भी उपलब्ध नहीं करा सकें। इस पर डीएम ने जांच कराने का निर्णय लिया है। इससे पानी टंकियों की टेस्टिंग करने का दावा कर रहे अधिकारियों में हड़कंप मचा है।ग्रामीण इलाकों में हर घर में शुद्ध जल मिल सके, इसके लिए वर्ष 2022 में जिले में जल जीवन मिशन योजना की शुरुआत हुई। योजना को जून 2025 तक पूरा करना है। कुल 764 पानी टंकियों का निर्माण कराकर 4.50 लाख घरों में नल की टोटी लगाने का लक्ष्य है। अब तक 111 पानी टंकियों का निर्माण हुआ है। इसमें 90 पानी टंकी पूरी कर ली गईं हैं।एक हजार करोड़ से अधिक की इस योजना को लेकर बीते दिनों दिशा की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने सवाल खड़े कर दिए थे। स्थिति यह हो गई कि संबंधित विभाग के अधिकारी से जनपद के सभी ब्लाकों से एक-एक गांव का नाम पूछा गया तो वे पूरा नहीं बता सके। इसे गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों ने जांच कराने का निर्णय लिया। सभी ब्लॉकों में कुछ ग्राम पंचायतों में बीडीओ के स्तर से जांच कराई गई तो तमाम कमियां मिलीं। इसे संज्ञान में लेते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों की निगरानी में और इंजीनियरों की टीम बनाकर जांच कराने का आदेश डीएम ने दिया है। हालांकि इसके पहले 20 दिसंबर तक जो भी कमियां हो उसे पूर्ण कराने का मौका भी जल निगम को दिया गया है।
दावा : 80 प्रतिशत घरों में नल की टोटी लगाने का काम पूरा : विभाग का दावा है कि 80 प्रतिशत घरों में नल की टोटी लगाने का काम पूरा हो चुका है। सुबह-शाम प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 55 लीटर पेयजल आपूर्ति करने का लक्ष्य है। पेयजल आपूर्ति के लिए 11 हजार किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने का प्रस्ताव प्रस्तावित है। अब तक 9 हजार किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। इससे जनपद की लगभग 39 लाख की आबादी को फायदा होगा। पानी टंकियों का संचालन सोलर बेस्ड पंप से होगा। इससे लाभ यह होगा कि संबंधित गांव के ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के लिए बिजली पर निर्भर नहीं रहेंगे।
जल निगम की ओर से 90 पानी टंकियां बनाई गई हैं। इन सभी की जांच कराई जाएगी। इसके लिए सूची तैयार कराई जा रही है।- आर्यका अखौरी, डीएम
शामली कलक्ट्रेट में हिंदू संगठनों द्धावारा आयोजित धरना प्रदर्शन में मौजूद महिलाएं । संवाद