गाजीपुर। प्रधानमंत्री की अति महत्वपूर्ण ‘सौभाग्य सहज हर घर बिजली योजना’ जनपद में कागजों पर दौड़ रही है। इसके तहत गरीबों को नि: शुल्क बिजली कनेक्शन देने का सपना आज भी अधूरा रह गया है। ऐसे में सैकड़ों राजस्व गांव ऐसे हैं जहां सौभाग्य योजना का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंचा है। सबको नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन देने का दावा भी झूठा साबित हो रहा है। देखा जाए तो पूरे जनपद में तीन लाख 68 हजार घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य मार्च 2019 तक रखा गया था, लेकिन अभी तक 60 फीसदी घर भी बिजली से रौशन नहीं हुए हैं। जबकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के जनपद आगमन पर विभागीय अधिकारियों द्वारा पूरे जनपद को संतृप्त दिखाया जा चुका है।
सरकार ‘सौभाग्य योजना’ को लेकर काफी गंभीर है। योजना के तहत हुए कार्यों का कागजी घोड़ा तेजी से दौड़ा दिया गया है, लेकिन धरातल पर कुछ और ही दिखाई दे रहा है। योजना के लागू होते ही जनपद में अलग-अलग स्थानों पर कैंप लगाकर कनेक्शन देने का कार्य आरंभ किया गया। अब तक सैकड़ों गरीबों को कनेक्शन भी दिया जा चुका है। मार्च 2019 तक लक्ष्य पूरा करना था। इससे शत-प्रतिशत राजस्व गांवों में विद्युतीकरण करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके तहत जनपद में कुल 9816 मजरे हैं, जहां आज तक बिजली नहीं पहुंची थी। कार्य तेजी से चला और 5600 मजरों में विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है।
बीच 26 फरवरी 2019 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के जनपद आगमन पर विभाग आनन-फानन में पूरे जनपद को बिजली से संतृप्त बताया और सौभाग्य उत्सव की खुशियां भी मनाई। इस बारे में अधीक्षण अभियंता आरआर प्रसाद ने दावा किया था कि जनपद के सभी राजस्व ग्रामों में कोई भी ऐसा मजरा शेष नहीं रह गया है, जहां के बिजली न पहुंची हो। सभी गांवों को बिजली से रौशन कर दिया गया है, लेकिन कागजों की आंकड़ेबाजी का हाल यह है कि इन गांवों में महीनों पहले कहीं मीटर लगा है, तो पोल और तार नहीं लगे हैं। कहीं पोल गड़े हैं, तो तार नहीं है। कुछ गांवों में पोल और तार दोनों है, तो बिजली की आपूर्ति नहीं है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि वर्तमान में बचे जनपद के 3578 मजरों के विद्युतीकरण का कार्य 208.41 लाख रुपये खर्च कर किया गया है। इसके तहत 142441 घरों को नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन दिया गया है। इसकी देखरेख के लिए कुल 35 अवर अभियंताओं को जनपद के अलग-अलग 35 मजरों में नोडल कर्मी के रूप में देखरेख के लिए लगाया गया है।