मुहम्मदाबाद(गाजीपुर)। भांवरकोल विकासखंड के लौवाडीह गांव में नौ दिवसीय संगीतमय रामकथा के अंतिम दिन मानस मर्मज्ञ कथावाचक यमुना प्रसाद ओझा ने कहा कि जहां नारियों की पूजा होती वहां देवता भ्रमण करते हैं। पुरुषों को हमेशा नारियों का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुरुषों को हमेशा नारियों का सम्मान करना चाहिए। वह मनुष्य भाग्यशाली है जो पुत्री का पिता है। केवल सन्यासी का वस्त्र धारण करने से संत नहीं हो जाता। जो माता-पिता की सेवा करता है, असहायों की मदद करता है और जिसने काम, क्रोध, लोभ, मद और मत्सर पर विजय प्राप्त कर लिया हो वही संत है। अंतिम दिन हवन-पूजन के बाद भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान स्थानीय विधायक अलका राय ने व्यास पूजन और मानस मर्मज्ञ कथावाचक यमुना प्रसाद ओझा का सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक अलका राय ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से लोगों में अपने धर्म के प्रति आस्था बढ़ेगी। इस अवसर पर जनकदेव राय, प्रभुदेवा राय, मनोज राय, विजयशंकर पांडेय, रामचंद्र राय, पारसनाथ पांडेय, संजू राय, अंकित राय, सूर्यांश त्रिपाठी, रोहित राय, बबुआ राय, शशांक राय, आशुतोष राय, आयूष राय आदि उपस्थित थे।