गाजीपुर/सेवराई। साधन सहकारी समिति गोड़सरा पर दो माह पूर्व किसानों से खरीदा गया सैकड़ों क्ंिवटल गेहूं का उठान अभी तक नहीं हुआ है। इस वजह से गोदाम में रखा गया गेहूं बारिश में पूरी तरह से भीगता रहा और अब सड़कर खराब होने लगा है। लाखों रुपये का गेहूं खुले आसमान के नीचे बर्बाद हो रहा है और जानकारी के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। उक्त गोदाम पर गेहूं को बारिश से बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इतना ही नहीं बरसात से पहले गेहूं को सुरक्षित करने की भी किसी ने जहमत नहीं उठाई। कुल मिलाकर 3056 क्ंिवटल गेहूं गोदाम पर सड़ रहा है।
गोड़सरा के साधन सहकारी समिति पर 17 मई से 15 जून तक आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों किसानों से करीब पांच हजार क्विंटल गेहूं की खरीदारी की गई। आनलाइन फीडिंग न होने के कारण 109 क्ंिवटल गेहूं की खरीदारी अमान्य घोषित कर दी गई। शेष 4891 कुंतल गेहूं की खरीदारी को शासन द्वारा माना गया। संबंधित किसानों को खाते में पैसा भी दे दिया गया। इसके बाद विभाग की ओर से गेहूं का मात्र 1835 कुंतल का ही उठान कराया गया। पूरा उठान न होने से गोदाम पर ही पड़ा रह गया। यह गेहूं बारिश में भीगता रहा और अब यह सड़ने लगा है। अनाज में चूहे और घुन लग गए हैं। किसान नेता भानू प्रताप सिंह ने बताया कि अगर जिला प्रबंधक पीसीएफ की ओर से जल्दी किसानों से खरीदी गई गेहूं का उठान नहीं करता है तो सैकड़ों कुंतल गेहूं सड़ जाएंगे। कई बार अधिकारियों को इसकी सूचना देने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। जिससे किसान चिंतित एवं परेशान हैं।
इस बाबत साधन सहकारी समिति गोड़सरा के सचिव मथुरा कुशवाहा ने बताया कि मैं 15 अगस्त को सेवानिवृत्त हो गया हूं। शासन की ओर से कोई आदेश नहीं मिलने के कारण अभी यहां बना हूं। करीब पांच हजार क्ंिवटल गेहूं की खरीदारी की गई थी। ट्रांसपोर्टर द्वारा अभी तक केवल 1835 क्ंिवटल गेहूं ही उठान किया गया है। शेष 3056 क्ंिवटल गेहूं खुले आसमान के नीचे रखा है। यह जानकारी विभाग के अधिकारियों सहित जिलाधिकारी को भी दे दी गई है।