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दो गांवों के ट्रांसफार्मर जले, 65 परिवार अंधेरे में

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दुल्लहपुर(गाजीपुर)। बिजली व्यवस्था में सुधार करने का सरकारी दावा कितना सही है, इसका अंदाजा क्षेत्र के हरदासपुर और मियना बड़ा गांवों को देखने के बाद आसानी से लगाया जा सकता है। करीब एक माह से इन गांवों के ट्रांसफार्मर जले हुए हैं। दो गांवों के 65 से अधिक परिवार अंधेरे में जी रहे हैं। सरकार दावा करती है कि जले ट्रांसफार्मरों के अधिकतम तीन दिन में बदल दिए जाने की व्यवस्था है। जानकारी के बाद भी आला अधिकारी इस पार ध्यान नहीं दे रहे है। लोग कई प्रकार की समस्याएं झेल रहे हैं।
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हरदासपुर खुर्द गांव में 25 केबीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। करीब एक माह एक माह पूर्व यह जल गया। बिजली विभाग के जेई और एसडीओ को इसकी मौखिक तथा लिखित सूचना दी गई। इतने दिन बीत जाने के बाद भी लोगों को अधिकारियों की ओर से सिर्फ आश्वासन भर दिया जा रहा है। इस ट्रांसफार्मर से दो पंपिंग सेट तथा गांव के करीब 35 घरों को बिजली की आपूर्ति होती है। एक माह से सभी घर अंधेरे में डूबे हुए हैं। लोग पेयजल के लिए भटक रहे हैं। गर्मी और उमस में औरतों और बच्चों का जीना भी दूभर है। जनवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हरिवंश चौहान ने बताया कि अधिकारी सुन ही नहीं रहे हैं। रोज आज कल की बात कह कर टाल दे रहे हैं। इसी प्रकार की हालत मियना बड़ा गांव की भी है। यहां का ट्रांसफार्मर 10 अगस्त को जल गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी आनलाइन शिकायत बिजली विभाग से की। अधिकारी सिर्फ आश्वासन ही दे रहे है। इस ट्रांसफार्मर से करीब 30 घरों की बिजली गुल हो गई है। लाइट के अभाव में हाहाकार की स्थिति है। प्रचंड गर्मी में बिजली नही होने से पंखा या कूलर नहीं चल रहा है। गांव के देवेंद्र चौहान, अरुण चौहान, सुनील, रमेश चौहान, नंदलाल चौहान, राजन चौहान, राजेश सहित अन्य लोगों ने रोष जताया है। चेतावनी दी है कि अगर सरकार दावे के मुताबिक तीन दिन में जले ट्रांसफार्मरों को नहीं बदलती है तो अब सड़क पर उतर कर आंदोलन किया जाएगा।
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