पसमांदा मुस्लिम मोर्चा के तत्वावधान में पसमांदा वीर सपूत अमर शहीद शेख भिखारी की याद में साझी शहादत साझी विरासत की सार्थकता विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन भारद्वाज भवन स्थित सरजू पांडेय सभागार में रविवार को किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक खुर्शीद आलम ने कहा कि शेख़ भिखारी एक बुनकर अंसारी परिवार में पैदा हुए थे। उनके दिल में देशभक्ति का जज्बा इस कदर था कि अंग्रेजी सत्ता भी हिलती थी।
उन्होंने कहा कि हमें मिल कर साझी शहादत साझी विरासत के जज्बे को कायम रखना है। देश, समाज में नफरत फैलाने वालों से सावधान रहना है। मुख्य वक्ता भाकपा के जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव ने कहा कि नई आर्थिक नीति के नाम पर गरीबों का शोषण तेज हो गया है। आज इस साझी शहादत एव साझी विरासत पर गहरा हमला किया जा रहा है। नफरत के शोले भड़काए जा रहे हैं। ऐसी दशा में पुन: एक होकर इसे रोकना समय का तकाजा है। इस अवसर पर डॉ. वसीम अख्तर, मोती प्रधान, फैयाज अहमद शाह, डॉ. राधेश्याम केशरी, एजाज अहमद, फिरोज अली, आरिफ अंसारी, पवन कुमार, जीतेंद्रनाथ घोष, रामानंद गौतम, अमरनाथ, इंतेखाब आलम आदि ने आज के दौर में साझी शहादत साझी विरासत को आवश्यक बताया। मोर्चा के संयोजक डॉ. इक़बाल अंसारी ने राजेश वनवासी को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में गीतकार महेंद्र कुमार ने जनवादी क्रांतिकारी गीत सुनाकर शहीदों की याद को ताजा कर दिया। जबकि रामसुकल राम ने इंकलाबी गीत सुनाकर जुल्म न सहने की प्रेरणा दी। अंत में कार्यक्रम के आयोजक नेहाल अंसारी ने कार्यक्रम में आये अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।