गाजीपुर। शहर में बृहस्पतिवार को 38 मिनट में 7.9 मिमी बारिश हुई। इससे शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया, इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बारिश के बाद अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 34 व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश से पहले अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज था।
सुबह करीब साढ़े 10 बजे 18 मिनट बारिश हुई। इसके बाद धूप होने के कारण पूरे दिन लोगों का उमस व गर्मी से हाल-बेहाल रहा। इसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों का पूरा शरीर पसीने से तर-बतर नजर आया। काफी ज्यादा उमस होने के कारण लोगों को बार-बार प्यास सताती रही। दोपहर साढ़े 12.30 बजे फिर से बारिश शुरू हुई। इस बार बारिश तेज थी। साथ में बिजली भी गरजती रही। जब तक बारिश हुई, तब तक पूरे यातायात पर ब्रेक लग गया। लोग सुरक्षित ठौर की तलाश करके बारिश रुकने का इंतजार करते रहे। बारिश रुकने के बाद शहर का यातायात सामान्य हुआ। दूसरे राउंड की बारिश के बाद लोगों को कुछ हद तक राहत मिली।
कीचड़ से सन गईं जर्जर सड़कें
बारिश के बाद शहर की जर्जर सड़कें कीचड़ से भर गईं। इसके कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके लिए लोग जिम्मेदारों को कोसते हुए नजर आए। कीचड़ के छींटे के कारण लोगों के कपड़े तक खराब हो गए।
झोपड़ियों के ऊपर गिरा तार
गंगौली। कासिमाबाद तहसील क्षेत्र के माटा में दोपहर में बारिश के दौरान 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार टूटकर 12 घरों और झोपड़ियों के ऊपर गिर गया। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ और लोग बाल-बाल बच गए। ग्रामीण रामायण राजभर ने बताया कि गांव के रामकृत, श्यामू, पन्नालाल, श्यामलाल, मुनीलाल, रामशीष, अमित, गुड्डू, सूर्यभान, नंदलाल और रमेश समेत कई परिवारों के घरों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजर रहा है। यह तार टूटकर गिर गया।
किसानों के चेहरे खिले
बारिश होने के बाद किसानों के चेहरे खिल गए हैं। रामबचन कुशवाहा, हरेराम यादव आदि किसानों ने बताया कि बारिश धान की फसल के लिए फायदेमंद हैं। अगर इसी तरह समय-समय पर बारिश होती रही, तो किसानों को काफी राहत मिलेगी।
जनपद का अधिकतम तापमान 34 व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है। - अशोक राय, आपदा विशेषज्ञ
बारिश के बाद शहर के टैक्सी स्टैंड के पास सड़क पर जमा पानी। संवाद