जिले में पैरा टीचर के रूप में कार्यरत शिक्षामित्रों के द्वितीय चरण के समायोजन की प्रक्रिया के तहत काउंसिलिंग बुधवार से क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान स्थित छात्रावास में शुरू हुई। इसमें आठ विकास खंडों के 764 शिक्षामित्रों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया था, लेकिन इनमें से 759 शिक्षामित्र काउंसिलिंग के लिए उपस्थित हुए, जबकि 5 अनुपस्थित रहे।
शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर समायोजित करने के लिए दो दिवसीय काउंसिलिंग की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हुुई। इसके लिए विकासखंड वार आठ काउंटर बनाए गए थे, जबकि एक काउंटर पूछताछ का बनाया गया था। पहले दिन आठ विकास खंडों मरदह, करंडा, बिरनो, मनिहारी, जखनिया, देवकली, सादात और सैदपुर के कुल 764 शिक्षामित्रों जिसमें 535 महिला और 229 पुरुष को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया था।
इनमें से 5 शिक्षामित्रों ने आज काउंसिलिंग नहीं कराई। जो पांच शिक्षामित्र काउंसिलिंग नहीं करा पाए हैं, उनके बारे में बताया गया है कि इन्होंने प्रमाणपत्रों के अभाव में काउंसिलिंग नहीं कराई। जिले के प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक के मौजूदा समय में 957 पद रिक्त हैं।
जबकि डायट सैदपुर की ओर से 1524 शिक्षामित्रों की सूची भेजी गई थी। काउंसिलिंग के समय खंड शिक्षाधिकारी देवकली निर्भय नारायण सिंह, धनपत यादव, उदयराज मौर्य, राजेश राम, जयराम पाल और सुदामा आदि मौजूद रहे। प्रमाणपत्र के लिए डायट पहुंचे शिक्षामित्रों को उस समय हताशा हाथ लगी, जब वहां के कर्मचारी प्राचार्य की कार्यशैली के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध जताते मिले। इसके चलते उनका कोई भी काम आज नहीं हो सका।