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जाम में फंसा शहर और गांव, घंटों तडफड़ाते रहे लोग

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गाजीपुर। लगन तेज होने, सड़कों के टूटने और मार्ग पर भारी वाहन खराब होने से राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ अन्य प्रमुख मार्गों पर मंगलवार की देर रात से घंटों भीषण जाम लगा रहा। जाम में ट्रक, बस और सवारी गाड़ियां रात से जहां-तहां फंसी रहीं। दूसरे दिन शहर से सटे गाजीपुर घाट, कठवामोड़, हमीद सेतु, जमानिया, सुहवल आदि मार्ग पूरी तरह ठप रहे। पुलिस के मुताबिक घाट से थोड़ा आगे एक ट्रक और कठवामोड़ पुलिया के पास एक डीसीएम सड़क पर ही खराब हो गई थी। जिससे गाजीपुर- आजमगढ़ एनएच पर जलालाबाद के पास भयंकर जाम लग गया था। शादी विवाह की गाड़ियां भी जाम में जहां-तहां फंसी रहीं। काफी देर तक सवारी गाड़ियों में बैठी महिलाएं और बच्चों के चेहरे मुरझा गए। जाम से लोगों का जनजीवन असामान्य रहा।
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गाजीपुर-मुहम्मदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर कठवामोड़ के बीच मुख्य सड़क पर दो बड़े वाहनों के खराब हो जाने से भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। बुधवार की सुबह नौ बजे के बाद वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम इतना भयंकर हो गया कि एक कदम भी चलना कठिन हो गया। ट्रकों की लंबी कतारें लग गई थी। रात को नौ बजे के बाद वन -वे खुलता है। इसके बाद इन मार्गों पर ट्रकों का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो सुबह छह बजे तक बना रहता है। गाजीपुर घाट से अधिकतर ट्रकों क्रासिंग पार कर हमीद सेतु होते हुए जमानिया. चंदौली अथवा सुहवल बारा के लिए जाती है। इस मार्ग पर रात से ही भयंकर जाम लगा रहा।
सुहवल संवाददाता के अनुसार रजागंज पुलिस चौकी के पास मंगलवार की देर रात करीब 12 बजे एक ट्रक का इंजन खराब हो गया। काफी प्रयास के बाद भी उसकी मरम्मत नहीं हुई। इसके बाद देखते ही देखते जमानियां- गाजीपुर- सैयदराजा राष्ट्रीय राजमार्ग -24/97, ताड़ीघाट- बारा स्टेट हाई-वे सहित अन्य मार्गों पर दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। सुबह जाम इतना भयंकर हो गया कि छोटे वाहनों का निकलना तो दूर पैदल आवागमन भी काफी दुरूह हो गया। कई बराती तथा दूल्हों की भी गाड़ियां इस जाम फंसी रहीं। कई लोगों की शादी अपने मुहूर्त पर नहीं हो सकीं। बिहार से होकर आने वाले वाहनों के दबाव के चलते जाम और विकराल हो गया। जाम में स्कूली छात्र -छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ी। रात से ही लगा जाम दोपहर तक बना रहा। इसके चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस रात से लेकर सुबह तक जाम को समाप्त करा यातायात व्यवस्था सुचारु करने में जुटी रही।
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दुल्लहपुर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के गाजीपुर-आजमगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलालाबाद के शहीद वीर अब्दुल हमीद चौराहा के पास मंगलवार की देर शाम छह बजे जाम लग गया। लोग शासन-प्रशासन को सूचना देते रहे लेकिन कोई पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा। बाद में समाजसेवी युवकों ने मिल कर आड़े-तिरछे खड़े वाहनों को हटवाया तथा जाम समाप्त कराया। जाम में कई दूल्हे तथा बराती भी फंसे रहे। मार्ग पर चारों तरफ लंबी लाइन लग गई थी। वहीं पुलिस बूथ पर खड़े पुलिसकर्मी खड़े तमाशा देखते रहे। जाम का कारण वाहनों की जल्दी तथा सड़कों बेतरतीब खड़ा किया जाना भी था। इसी प्रकार सैदपुर, नंदगंज में भी छिटपुट जाम का असर बना रहा।



गाजीपुर। जाम लग जाने के बाद वाहनों में फंसे लोग पूरी तरह से असहाय हो जाते हैं। चाहे जितना भी जरूरी काम क्यों न हो उन्हें बेबस पड़े रहना पड़ता है। अस्पताल, स्कूल, नौकरी व्यवसाय के साथ ही शादी- विवाह के बरात हो या साधारण राहगीर सब कुछ ठप पड़ जाता है। इसके बाद सिर्फ नुकसान होता है। मरीज तड़पता है, छात्रों की परीक्षाएं छूटती है, बरात से वंचित होना पड़ता है। सबसे खास बत यह है कि इस नुकसान की जबाबदेही किसी भी अधिकारी की नहीं होती है।



गाजीपुर। लाख कवायदों के बाद भी शहर जाम मुक्त नहीं हो पा रहा है। खास कर शादी -विवाह तथा लगन वाले दिन तो लोगों का जाम में फंसना तय हो जाता है। गाजीपुर -मुहम्मदाबाद मार्ग पर गाजीपुर घाट, कठवा मोड़ आए दिन जाम की चपेट में रहता है। इसका असर कासिमाबाद रोड पर भी पड़ता है। इधर हमीद सेतु, मेदनीपुर तिराहे के बाद जमानिया और सेंवराई दोनों मार्ग जाम हो जाते हैं। इसका मुख्य कारण ट्रकों का खराब होना या वाहनों को आगे निकालने की जल्दबाजी होती है। पिछली बैठक में एसपी ने साफ कहा था कि पुलिसकर्मी सड़कों पर खराब वाहनों को तत्काल हटवाएं। जाम लगने पर थानाध्यक्ष को ही जिम्मेदार माना जाएगा। लेकिन यह सब फरमान हवा- हवाई हो रही है।
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