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किसानों की आमदनी दोगुना करने का नारा धोखा साबित

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दिलदारनगर। अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में मंगलवार को कृषि मंडी परिसर में किसान महापंचायत का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर महासभा के राष्ट्रीय महासचिव राजाराम सिंह ने कहा कि मोदी राज में 50 हजार किसान अब तक आत्महत्या कर चुके हैं। किसानों की आमदनी दोगुना करने का नारा धोखा साबित हुआ है।
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उन्होंने कहा कि खाद, बीज, बिजली की मूल्यवृद्धि ने खेती-किसानी को चौपट कर दिया है। किसान घाटे में खेती कर रहे हैं। कर्ज माफी पूंजीपतियों को दी जा रही है। किसानों को कहीं भी भूमि अधिग्रहण कानून का फायदा नहीं मिल रहा है। सरकार चार गुना मुआवजा देने से भाग गई है। लाठी-गोली के दम पर जमीन छीनी जा रही है। ऐसा ही चंदौली में रेल फ्रेट कारीडोर में भी किया जा रहा है। धान खरीद केंद्र गायब हैं। बिचौलिए फसल लूट रहे हैं। कहा कि मोदी सरकार ने किसानों को लाचार बना दिया है लेकिन किसान लाचार नहीं बनेंगे। सरकार से दो-दो हाथ करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने 29-30 नवंबर को किसान संगठनों की ओर से दिल्ली में दो दिवसीय किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में दिल्ली चलने की अपील की। किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि पंचायत से प्रस्ताव पारित किया गया है कि धान की फसल की सरकार बंटाई सहित सभी किसानों के धान के समर्थन मूल्य पर खरीद की व्यवस्था करे नहीं तो इस पर व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। प्रदेश सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि आज किसानों को बुनियादी मुद्दों से बरगलाने के लिए राम मंदिर फिर शुरू हो गया है। महासभा किसानों की समस्याओं की अनदेखी नहीं होने देगी। किसानों के हित की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। इस मौके पर अफरोज आलम, रामप्यारे राम, शशिकांत कुशवाहा, डॉ. सलाहुद्दीन खान, विजय नारायण यादव, रामप्रवेश मौर्य, सिराज खान आदि उपस्थित थे।
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