सदर अस्पताल से करीब एक माह से गायब एंटी रेबीज इंजेक्शन के आने के बाद सोमवार को इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों की भीड़ उमड़ गई। एक माह बाद अस्पताल प्रशासन को मिले एक हजार वायल में से तीन सौ मरीजों को ही इंजेक्शन लग पाया। करीब एक माह से जिला अस्पताल सहित सीएचसी-पीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन न होने से मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।
जिले सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा पहुंचाने के लिए शासन की ओर दंभ तो भरा जा रहा है लेकिन दवाइयों और इंजेक्शन की कमी पूरी नहीं होने पर लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है। करीब एक माह से जिला अस्पताल सहित सीएचसी-पीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन की कमी होने से मरीज प्रतिदिन चक्कर काटते थे। दूरदराज से आने वाले ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को एंटी रैबीज इंजेक्शन के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। जिला अस्पताल की लापरवाही से नाराज मरीजों और परिजनों ने बीते 27 जनवरी को सीएमएस कार्यालय का घेराव और लाल दरवाजा-मिश्र बाजार जाम कर दिया था। तब जाकर अस्पताल प्रशासन ने एंटी रैबीज इंजेक्शन आज उपलब्ध होने का आश्वासन दिया था। सुबह से ही परिजन मरीजों को लेकर इंजेक्शन लगवाने के लिए सीएमएस कार्यालय के बाहर लंबी कतार लगाए थे। इंजेक्शन कक्ष खुलते ही भारी भीड़ देख जिला अस्पताल ने कोतवाली पुलिस को सूचित किया। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचकर मरीजों को कतारबद्ध कर अस्पताल प्रशासन का सहयोग करने में जुट गई। इस संबंध में सीएमएस डॉ. एसएन प्रसाद ने बताया कि एंटी रेबीज इंजेक्शन की कमी से दिक्कत आई थी। एक हजार वायल एंटी रैबीज आने से अब लोगों को इसका लाभ मिल जाएगा। साथ ही एंटी रैबीज खत्म होने से पहले मांग शासन को भेज दी गई है।
मात्र 20 वायल ही सीएचसी-पीएचसी पर भेजा गया
गाजीपुर। औषधि भंडार केंद्र के नोडल एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि 300 वायल ही एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराया गया है। सभी सीएचसी-पीएचसी पर 20-20 वायल एंटी रैबीज भेजी गई है। एंटी रैबीज की मांग भेज दी गई है। इस समस्या से जल्द छुटकारा मिल जाएगा।
बाजार में 300 का मिलता है इंजेक्शन
गाजीपुर। एंटी रैबीज इंजेक्शन बाजार में स्थित निजी मेडिकल स्टोरों पर 300 रुपये में मिलता है। इस एक वायल से सिर्फ एक ही मरीज को इंजेक्शन लग पाता है। जबकि स्वास्थ्य विभाग अपने एक वायल से 10 मरीजों को इंजेक्शन लगाता है।