मरदह बस स्टैंड पर खुले आसमान के नीचे लगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा। संवाद
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गाजीपुर। धूप, बारिश और मौसम की प्रतिकूलता से खराब हो रही महापुरुषों की 70 प्रतिमाओं का कायाकल्प किया जाएगा। डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत जिले की सातों विधानसभा क्षेत्रों में 10-10 प्रतिमाओं का चयन कर उन्हें विकसित किया जाएगा। इस तरह कुल 70 प्रतिमाओं के कायाकल्प पर सात करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कई स्थानों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं बदहाल स्थिति में हैं। कहीं प्रतिमा खराब हो चुकी है तो कहीं छतरी नहीं है। कई जगहों पर महापुरुषों के योगदान की जानकारी देने वाला सूचना पट्ट भी नहीं है। अब चयनित प्रतिमाओं के आसपास के क्षेत्र को भी विकसित किया जाएगा। इसके तहत टाइल्स, इंटरलॉकिंग, सूचना पट्ट, बेंच और पाथवे आदि का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही लाइट लगाई जाएगी और हरियाली का इंतजाम किया जाएगा।
31 दिसंबर 2005 से पहले स्थापित प्रतिमाएं होंगी शामिल
योजना के तहत 31 दिसंबर 2005 से पहले स्थापित की गईं महापुरुषों की प्रतिमाओं का कायाकल्प किया जाएगा। एक प्रतिमा के कायाकल्प पर अधिकतम 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रतिमा खराब होने की स्थिति में संगमरमर की नई प्रतिमा लगाई जाएगी।
सर्वे से शुरू होगी प्रतिमाओं की पहचान
योजना को धरातल पर उतारने के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे के आधार पर ऐसी प्रतिमाओं को चिह्नित किया जा रहा है, जहां कायाकल्प की जरूरत है। विभाग का दावा है कि दिसंबर तक महापुरुषों की ऐसी प्रतिमाओं को चिह्नित करने के साथ ही कायाकल्प का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत जनपद की प्रत्येक विधानसभा से महापुरुषों की 10 प्रतिमाओं का कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है।-अभय कुमार सिंह, प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी