अमर उजाला की तरफ से चलाए जा रहे ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स ’अभियान के तहत हार्टमन इंटर कालेज हार्टमनपुर के सास्कृतिक मंच पर ‘ समाज में मौजूदा समय में महिलाओं की भागीदारी तथा सशक्तिकरण की आवश्यकता’ विषयक सजगता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 600 से अधिक महिलाओं ने भागीदारी की। इसमें महिला सशक्तिकरण के लिए निर्णय का अधिकार देने पर जोर दिया गया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि एवं संजीवनी अस्पताल की चेयरमैन डा. अलका राय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को हमेशा से सृष्टि के निर्माण में निर्णायक की भूमिका में रही है। वह कही से कमजोर नहीं है। अपनी निजी स्वतंत्रता और स्वयं के फैसले लेने के लिए महिलाओं को अधिकार देना ही महिला सशक्तिकरण है।
उन्होंने कहा कि परिवार और समाज की हदों को पीछे छोड़ने के द्वारा फैसले, अधिकार, विचार, दिमाग आदि सभी पहलुओं से महिलाओं को अधिकार देना, उन्हें स्वतंत्र बनाने के लिए है। समाज में सभी क्षेत्रों में पुरुष और महिला दोनों के लिए बराबरी में लाना होगा। मुहम्मदाबाद की पूर्व ब्लाक प्रमुख श्रीमती चंदा यादव ने कहा कि पुरुषों की तरह सभी क्षेत्रों में महिलाओं को बराबर अधिकार देने के लिए कानूनी स्थिति है।
भारत में बच्चों और महिलाओं के उचित विकास के लिए इस क्षेत्र में महिला और बाल विकास विभाग अच्छे से कार्य कर रहा है। उन्होंने अमर उजाला के इस प्रयास की तारीफ की। समाज सेविका ऊषा यादव ने कहा की विकास की मुख्यधारा में महिलाओं को लाने के लिये भारतीय सरकार के द्वारा कई योजनाओं को निरुपित किया किया गया है। पूरे देश की जनसंख्या में महिलाओं की भागीदारी आधे की है और महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिये हर क्षेत्र में इन्हें स्वतंत्रता की जररूत है। भारत एक प्रसिद्ध देश है जो प्राचीन समय से ही अपनी सभ्यता, संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत, परंपरा, धर्म और भौगोलिक विशेषताओं के लिये जाना जाता है।