सुहवल। एनएचएआई एवं सेतु निगम के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के उदासीन रवैये के चलते दूसरे दिन मंगलवार को भी हमीद सेतु आए दरार के मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सका है। इससे आवागमन करने वाले परेशान रहे। दोनों तरफ मार्गों पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रहीं। छोटे व चारपहिया वाहन लंबी दूरी तय कर पीपापुल के सहारे जिला मुख्यालय पहुंचे। स्कूली बसों का संचालन बंद होने से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो पुल का मरम्मत कार्य शुरू होने पर एक सप्ताह का समय लग सकता है। एंबुलेंस को आवागमन के प्रतिबंध से मुक्त करने पर विचार हो रहा है।
दूसरे दिन मंगलवार को भी पुल के मरम्मत का कार्य प्रारंभ न होने से लोग परेशान रहे। स्कूली बसें न चलने से तमाम बच्चे स्कूल जाने से वंचित रहे। किसान बाइकों और नाव से मंडी में सब्जी लाने को विवश दिखे। मार्गों पर वाहनों की लंबी लाइन लग रही है। उसमें सवार ट्रक चालक और ठंड से मौसम में परेशान रहे। इस संबंध में जिलाधिकारी के बालाजी ने बताया कि एनएचएआई के अधिकारियों एवं इंजीनियरों से बात चल रही है। उनके द्वारा बताया गया कि करीब एक सप्ताह में काम शुरू होगा। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द मरम्मत का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
बता दें कि हमीद सेतु जिला मुख्यालय को ही नहीं, अपितु यह पूरे पूर्वांचल सहित पड़ोसी राज्य बिहार को भी जोड़ता है। इससे इस सेतु से प्रतिदिन विभिन्न जिलों के लिए हजारों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन लगा रहता है। सवारी वाहनों से लगायत मालवाहक वाहन भी आते-जाते है, लेकिन सोमवार की भोर में सेतु के पिलर-7 एवं 6 के मध्य ज्वाइंटर नंबर-14 की दोनों तरफ की रोलर बेयरिंग धंसने से पुल में दरार आ गई। इसकी जानकारी होते ही जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से बातचीत किया था। दुर्घटना की आशंका से पुल पर बड़े वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया था। सेतु पर सिर्फ पैदल और बाइक सवारों का आवागमन हो रहा है।
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हमीद सेतु में दरार पड़ने की वजह से मार्ग पर छोटे और चारपहिया वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लदा दिया है। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग कर कालूपुर तिराहा, मेदनीपुर तिराहा, रजागंज पुलिस चौकी, घाट चौराहा (सुखदेवपुर चौराहा) आदि विभिन्न जगहों पर बैरिकेडिंग कर रूट डायवर्ट कर दिया है। बड़े चारपहिया वाहनों के चालक वाहनों को मार्ग के किनारे लगातर आवागमन सुचारू होने का इंतजार कर रहे हैं। छोटे चारपहिया वाहन जिला मुख्यालय आने के लिए 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रामपुर पीपा पुल या 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित जमानिया पीपा पुल का सहारा ले रहे हैं। इससे उनका एक्ट्रा तेल फूंकने के साथ ही समय की भी बर्बादी हो रही है।
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सुहवल। जिस समय गंगा पर हमीद सेतु का निर्माण नहीं हुआ था, उस समय लोग स्टीमर घाट पर लगे पीपा पुल से आते थे। पैदल, बाइकों के साथ ही छोटे चारपहिया वाहनों का आवागमन होता था। इस पुलिस से जिला मुख्यालय की दूरी भी कम होती थी। हमीद सेतु में दरार आने से पुल पर छोटे और बड़े चारपहिया वाहनों का आवागमन बंद होने से परेशान लोगों को स्टीमर घाट के पीपा पुल का याद आ गई। लोगों ने जनप्रतिधियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए गुहार लगाया है कि बार-बार हमीद सेतु में दरार पड़ने की घटना हो रहे हैं, जिससे आवागमन अवरुद्ध हो रहा है। यदि स्टीमरघाट पर पीपा पुल लगा दिया जाता तो आवागमन करने वालों को काफी सहूलियत होती।