करीमुद्दीनपुर। राष्ट्र के गौरव तथा हिंद केशरी के रुप में विख्यात पहलवान मंगला राय की मूर्ति का अनावरण समारोह 18 नवंबर को उनके पैतृक गांव जोगा मुसाहिब के रामलीला मैदान में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संचार-रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा तथा विशिष्ट अतिथि बलिया के सांसद भरत सिंह होंगे।
आयोजक मंडल के डा. विक्रमादित्य राय ने बताया कि इस अवसर पर भारतीय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा भदोही के सांसद वीरेंद्र सिंह और प्रदेश के राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी भी उपस्थित रहेंगे। इस मौके पर एक संक्षिप्त सभा भी होगी। गौरतलब है कि कुश्ती और मल्ल युद्ध के बेताज बादशाह हिंद केशरी मंगला राय गाजीपुर के मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के जोगा मुसाहिब गांव के निवासी थे। कुश्ती में बड़े-बड़े पहलवान इनसे घबराते थे। उनके पिता रामचंद्र राय और चाचा राधे राय कुश्ती के उपासक थे। वर्ष 1916 में जन्मे श्री राय में 14 वर्ष की अवस्था में ही कुश्ती और मल्ल कला के संस्कार पनपने लगे। 17 वर्ष की उम्र में ही कुश्ती जगत में अपना अद्वितीय स्थान बना लिया।
इसके बाद बड़े-बड़े पहलवानों को धूल चटाते हुए लगातार बुलंदियों पर चढ़ते रहे। काशी में रहकर गुरु शिवमूरत पंडा के स्नेह से मंगला राय कुश्ती के प्रतिमान बन गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री संपूर्णानंद ने प्रसन्न होकर इन्हें चांदी की गदा प्रदान की। मुंबई में शेरा गोरा सिंह को 20 मिनट में चित करने पर मंगला राय की जयकार होने लगी। विदेशों में अपनी विजय पताका फहराने वाले यूरोप के प्रसिद्ध पहलवान जार्ज कांस्टेनटाइन को भी नंदी बागान हावड़ा में वर्ष 1957 में पटकनी दी। 24 जून 1976 में बीमारी के कारण करीब 60 वर्ष की अवस्था में मल्ल विद्या का पुरोधा सदा के लिए विलीन हो गया।