गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ का चुनाव सोमवार को महामंत्री पद के मतदान और सभी पदों की मतगणना के साथ संपन्न हो गया। मतों की गणना के बाद नतीजे घोषित किए गए। घोषित नतीजों के अनुसार अध्यक्ष पद पर संपूर्णानंद यादव, उपाध्यक्ष पद पर दीपक उपाध्याय, महामंत्री पद पर सुधांशु तिवारी एवं पुस्तकालय मंत्री के पद पर शैलेश सिंह कुशवाहा निर्वाचित घोषित किए गए। इसके अलावा वीरबहादुर यादव, अलका, रामप्रकाश यादव, अंकित कुमार यादव, त्रिभुवन चौहान ने भी जीत का परचम लहराया। मुकेश यादव निर्विरोध निर्वाचित हुए।
स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ के चुनाव के तहत शुक्रवार को मतदान कराया गया था। इस दौरान महामंत्री पद के मतपत्र पर एक उम्मीदवार का नाम न होने के कारण इस पद पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था जबकि अन्य पदों पर मतदान संपन्न कराया गया था। महामंत्री पद के लिए सोमवार की सुबह आठ बजे से मतदान कराया गया। मतदान संपन्न होने के बाद मतों की गणना कराई गई। इसके बाद मुख्य चुनाव अधिकारी डा. बद्रीनाथ सिंह की ओर से परिणाम की घोषणा की गई। उनकी ओर से घोषित नतीजों के अनुसार अध्यक्ष पद पर संपूर्णानंद यादव 1547 मत पाकर बाजी मारने में सफल रहे। दीपक पाल को 118, पप्पू कुमार को 1076, भमंजीत कुशवाहा को 827, सोनू यादव 778, उपाध्यक्ष पद पर जयप्रताप को 968, दीपक उपाध्याय 1354, रुद्रप्रताप यादव 1246 तथा सुभाष बिंद को 760 मत मिले। महामंत्री पद पर अमित कुमार शर्मा को 43, प्रशांत सिंह यादव 977, बृजेश सिंह 394, राहुल सिंह 59, सुधांशु तिवारी 1094, पुस्तकालय मंत्री पद पर अजीत कुमार यादव 930, कृष्ण कुमार यादव 1164, मुकेश कुमार 865, शैलेश सिंह कुशवाहा 1323, कला संकाय प्रतिनिधि पद पर चंद्रभूषण उपाध्याय 477, वीरबहादुर यादव 868, सुनील कुमार प्रजापति 444, सूरज साहनी 763, विज्ञान संकाय प्रतिनिधि पद पर अलका को 483 तथा मुहम्मद सादिक को 180 मत मिले। कृषि संकाय प्रतिनिधि पद पर आशीष पांडेय 114, दीपक यादव 97, रामप्रकाश यादव 116, शशिकांत कुशवाहा 66, वाणिज्य संकाय प्रतिनिधि पद पर अंकित कुमार यादव 248, अभिजीत सिंह 169, शैलेश यादव 134, शारीरिक शिक्षा संकाय प्रतिनिधि पद पर त्रिभुवन चौहान 79 एवं सुशील गहलौत को 38 मत मिले जबकि शिक्षा संकाय के प्रतिनिधि पद पर मुकेश यादव निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। अंत में प्राचार्य डा. अशोक कुमार सिंह ने सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे।