गाजीपुर। केंद्र की टीम की ओर से किए गए निरीक्षण के बाद ओडीएफ हुए प्रदेश के नगर निकायों की जारी सूची में जिले एक निकाय सादात नगर पंचायत का नाम शामिल किया गया है। अब यह नगर पंचायत खुले में शौच मुक्त घोषित हो गया है। अधिकारियों की मानें तो अगले निरीक्षण के बाद जिले के सभी तीन नगर पालिका परिषदों और पांच नगर पंचायतों का नाम शामिल हो जाएगा। सभी नगर निकायों में तय लक्ष्य के करीब मामला पहुंच गया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच मुक्त करने की कवायद की जा रही है। इसके साथ ही नगरीय निकायों को भी ओडीएफ किया जाना है। इसको लेकर सरकार काफी गंभीर बनी हुई है। समय समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। खुले में शौच करने से होने वाली बीमारियों से होने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी दी गई। दो अक्तूबर तक हर हाल में घर घर शौचालयों के निर्माण का कार्य पूरा किया जाना था। घर-घर बन रहे शौचालयों के निर्माण कार्यों की जांच के लिए क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया (क्यूसीआई) की टीम ने प्रदेश भर में जांच की थी। करीब एक पखवारे तक इस टीम ने घूम- घूम कर स्थलीय निरीक्षण किया। जिले के नगर पंचायत सादात में यह टीम जांच के लिए आई थी। नगर पालिका परिषद गाजीपुर के अधिशासी अधिकारी उमेशचंद्र ने बताया कि गाजीपुर में क्यूसीआई की टीम सर्वेक्षण के लिए अभी तक नहीं आई है। अभी जिले के सिर्फ सादात में ही कुछ दिनों पहले निरीक्षण किया गया है। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार यहां 1992 लक्ष्य के सापेक्ष अब तक सिर्फ 1211 शौचालय ही पूर्ण हो पाए हैं। यहां भी अभी स्थलीय निरीक्षण के लिए कोई केंद्रीय टीम नहीं आई है। जमानिया संवाददाता के अनुसार नगर में 2122 के सापेक्ष 1535 परिवारों ने शौचालय का निर्माण पूर्ण कर लिया है। नगर पालिका की ओर से नगर के सभी 25 वार्डों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है। ईओ श्रीचन्द्र ने बताया कि अभी यहां भी जांच के लिए कोई केंद्रीय टीम नहीं आई है। यहां का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।