गाजीपुर। जिला महिला अस्पताल का एक बार फिर अमानवीय चेहरा शुक्रवार को प्रकाश में आया। एक दिन पूर्व प्रसव के लिए वार्ड में भर्ती गर्भवती महिला को आपरेशन के नाम पर इतना डरा दिया गया कि वह अस्पताल से बाहर आ गई और गर्भवती महिला ने बच्चे परिसर स्थित पेड़ के नीचे बच्चे को जन्म दिया। मामला बढ़ता देख अस्पताल की नर्स और दाई प्रसूता को लाकर वार्ड में भर्तीकर और दर्द से कराहते हुए छोड़ दिया। यह आरोप प्रसूता महिला के परिजनों ने लगाया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के सुभाषनगर मुहल्ला निवासी विजय की गर्भवती पत्नी संगीता को परिजनों को प्रसव के लिए बीते 21 सितंबर को महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल प्रशासन की ओर से महिला में रक्त की कमी बतलाते हुए ब्लड की मांग की गई। इस पर परिजन ब्लड देने के लिए तैयार हो गए। ब्लड देने के लिए तैयार होने के बाद भी स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा परिजनों को आपरेशन करने की ही बात कही गई। इसकी जानकारी होते ही गर्भवती महिला डर से अस्पताल के बाहर आ गई। डर के चलते महिला ने अस्पताल परिसर में स्थित पीपल के पेड़ के निचे बच्चे को जन्म दे दिया और दर्द से कराहने लगी। यह देख लोगों की भीड़ लग गई। मामला बढ़ता देख नर्स और दाई ने प्रसूता को अस्पताल में लाकर बेड पर कराहता छोड़ दिया। इस संबंध में सीएमएस विनिता जायसवाल ने बताया कि रोगी तथा उनके तीमारदारों को सही बात बताई गई थी, लेकिन आपरेशन के भय से महिला भाग खड़ी हुई थी। प्रसव के बाद महिला को भर्ती कर उसका उपचार किया जा रहा है।