गाजीपुर। प्रगतिशील बुद्धिजीवी विचार मंच के तत्वावधान में प्राथमिक विद्यालय डाड़ी कला में वन संरक्षण की उपयोगिता एवं महत्व विषय पर बुधवार को विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इस मौके पर मुुख्य वक्ता प्रधानाध्यापिका राधिका यादव ने कहा कि वन हमारी सांस्कृतिक विरासत है। प्राचीन काल से हमारे देश में वनोत्सवों का आयोजन होता रहा है।
कहा कि वृक्षारोपण को आदिकाल से शुभ माना जाता है। पीपल, बरगद, आवला, तुलसी आदि वृक्षों की पूजा का विधान होने से मानव और वृक्षों का संबंध प्राचीन काल से चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि आज के सभ्य जीवन में मानव के लिए वन अत्यंत लाभदायक है। अनेक उद्योग तो वन संपदा पर अधारित है। वनों को हरा सोना भी कहा जाता है। कहा कि वन भूमि कटाव को रोकने में सहायक होते हैं। वर्षा होने में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहीं नहीं आध्यात्मिक और भौतिक दोनों दृष्टियों से वनों का मानव जीवन में अत्यधिक महत्व है। प्रधानाध्यापिका ने कहा कि आज इस बात की आवश्यकता है कि हरे वृक्ष न काटे जाए और अधिक से अधिक पौध रोपण किया जाए। पर्यावरण प्रदूषण को दूूर करने में सहायक होता है। वनों के संरक्षण में ही मानवता का विकास एवं अभ्युुद संभव है। इस मौके पर राकेश पांडेय, नरेंद्र सिंह, दिवाकर पांडेय, निर्मल राजभर, प्रेमप्रकाश, राध यादव, नीरा भारती, उषा आदि मौजूद रहीं। अध्यक्षता सुरमिला देवी एवं संचालन प्रतिमा यादव ने किया।