गाजीपुर। दिशा की बैठक से लेकर सदन तक जल जीवन मिशन में गड़बड़ी करने का मामला उठ चुका है। इसे गंभीरता से लेते हुए चालू वित्तीय वर्ष में बनें पानी की 89 टंकियों के निर्माण की जांच का आदेश डीएम ने दिया है। इसके लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की अगुवाई में छह टीमें बनाई गईं हैं। इन्हें जांच कर 31 दिसंबर तक डीएम को रिपोर्ट सौंपनी है। ग्रामीण इलाकों में हर घर में शुद्ध जल मिल सके, इसके लिए वर्ष 2022 में जिले में जल जीवन मिशन योजना की शुरुआत हुई। योजना को जून 2025 तक पूरा करना है। पानी की 764 टंकियों का निर्माण कराकर 4.50 लाख घरों में नल की टोटी लगाने का लक्ष्य है। अब तक 111 टंकियों का निर्माण हुआ है। इसमें चालू वित्तीय वर्ष में 89 टंकी पूरी कर ली गईं हैं। इसमें कार्यदायी संस्था लारसेन एंड ट्रवो प्राइवेट लिमिटेड ने 9 ब्लॉकों में 72 टंकी, वीएसए प्राइवेट लिमिटेड एंड एसएमसी इंफ्रा(जेवी) प्राइवेट लिमिटेड ने 4 ब्लॉकों के 15 टंकी और एचएफसीएल (जेवी) प्राइवेट लिमिटेड ने दो ब्लॉकों में एक-एक टंकी का निर्माण कराया। शिकायत ये मिली कि योजना के तहत खोदी गईं सड़कें ठीक नहीं कराई गई, जो पानी टंकी बनीं भी हैं उसकी सप्लाई ठीक नहीं है। कुछ स्थानों पर मानक दरकिनार निर्माण कर दिया गया है। इसे संज्ञान में लेते हुए डीएम ने जांच कमेटी गठित की है। साथ ही 31 दिसंबर तक जांच रिपोर्ट देने को कहा है।
इन बिंदुओं पर जांच करेगी टीम
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जांच टीम 23 दिसंबर से ही स्थलीय निरीक्षण करने जाएगी। देखेगी की जिस सड़क को खोदकर पाइप डाली गई है उसकी हालत कैसी है। पानी सप्लाई हो रही है या नहीं। पानी टंकी या पाइप से कहीं लिकेज तो नहीं है। कार्य में गुणवत्ता का ध्यान दिया गया है नहीं।
इन ब्लॉकों में बनी पानी टंकी
भांवरकोल-5, देवकली-10, सदर-14, जखनिया-4
करंडा-5, कासिमाबाद-7, मनिहारी-11. रेवतीपुर-3
जमानिया-13, कासिमाबाद-1, सादात-1
सादात-5, सैदपुर-8, बिरनो-1, मुहम्मदाबाद-1
जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों की जांच कराई जा रही है। इसके लिए अधिकारियों की टीम गठित की जा चुकी है। एक टीम 15-15 गांवों की जांच करेगी। 31 दिसंबर तक जांच रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।-आर्यका अखौरी, डीएम