उफनाई गंगा से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में सेवराई तहसील के अलावा सैदपुर और मुहम्मदाबाद तहसील के गांव हैं। रेवतीपुर ब्लॉक के आधा दर्जन गांवों के तीन संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन बंद हो गया है। क्षेत्र के हजारों लोग जान-माल की सुरक्षा में लगे हैं। किसान पानी में डूबे चारा काटने के साथ ही पशुओं और गृहस्थी के सामान के साथ सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं। शनिवार को गंगा में दो सेमी प्रतिघंटा बढ़ोत्तरी से स्थिति भयावह होती जा रही है। निचले इलाकों में खेतों के बाद अब पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। शाम छह बजे तक गंगा का जलस्तर 63.720 मीटर दर्ज हुआ। जो साल 2021 के जलस्तर 64.680 मीटर से सिर्फ 0.880 मीटर नीचे है। गंगा की रफ्तार यही रही तो 24 घंटे के भीतर गंगा पिछले साल के जलस्तर को पार कर सकती हैं।
सेवराई संवाददाता के अनुसार, तहसील क्षेत्र के कुल 52 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जिनमें 21 गांव गैर आबादी वाले हैं, जहां बाढ़ से आबादी प्रभावित नहीं है। वहीं 31 आबादी वाले गांव है। इसमें 18 गांव की आबादी अत्याधिक प्रभावित है। प्रशासन की तरफ से बाढ़ आपदा राहत के लिए मझौली 22 और बड़ी 16 नाव की व्यवस्था की बात कही जा रही है। जबकि इस समय तहसील क्षेत्र में एक भी गोताखोर नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पानी से दूर रहे। विषम परिस्थितियों में प्रशासन के अधिकारियों कर्मचारियों को सूचना दें।
रेवतीपुर संवाददाता के अनुसार निचले इलाकों में पानी भर गया है। रेवतीपुर कामाख्या धाम मार्ग, रेवतीपुर रामपुर मार्ग, हसनपुरा रेवतीपुर मार्ग, टौगा रेवतीपुर मार्ग सहित कई संपर्क मार्ग डूब चुके हैं। गंगा किनारे से बहुत से पशुपालक अपने पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच रहे हैं। वहीं केले के साथ उर्दी, भतुआ, कोहड़ा व मिर्च, टमाटर के बेहन का भी व्यापक नुकसान हो रहा है। वहीं, छह सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों नसीरपुर, अठहठा, विरउपुर, हसनपुरा, कल्याणपुर उर्फ साधोपुर, रामपुर में से चार गांव अठ्हठा, नसीरपुर, विरउपुर, हसनपुरा में नाव की व्यवस्था की गई है।
खानपुर संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के गौरी गौरहट, तेतारपुर, पटना और खरौना बाढ़ प्रभावित हैं। एसडीएम ने शनिवार को इन गांवों का जायजा लिया। उप जिलाधिकारी सैदपुर ओम प्रकाश गुप्त ने कहा कि प्रभावित गांव के लेखपाल राजस्व निरीक्षक ग्राम प्रधान और ग्राम स्तरीय अधिकारी सभी को टीम बनाकर लगाया गया है । बाढ़ राहत से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की निगरानी तहसील के उच्च अधिकारी स्वयं कर रहे हैं।
मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के गौसपुर से बीरपुर तक लगभग 20 किमी क्षेत्र में गंगा किनारे के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है। बच्छलकापुरा, सेमरा, शेरपुर, गौसपुर, फिरोजपुर के सिवान मे बाढ़ का पानी फैलने लगा है। जिससे गंगा तट के गांवों मे परवल, बाजरा और अरहर की खेती को नुकसान पहुंचा है। शनिवार को उपजिलाधिकारी डा. हर्षिता तिवारी व खंड विकास अधिकारी अनुराग राय ने अलग-अलग क्षेत्रों में बाढ़ का निरीक्षण किया।