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वर्मी कंपोस्ट खाद को लेकर किसानों में नहीं दिखा उत्साह

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गाजीपुर। सरकार की ओर से चलाई जा रही वर्मी कंपोस्ट खाद योजना को लेकर किसान अभी उत्साह नहीं दिखा रहे है। खेतों में अच्छी पैदावार के लिए यह खाद काफी महत्वपूर्ण है तथा इस योजना के लिए सरकार 75 फीसदी सब्सिडी दे रही है। जिले में 2018-19 के लिए मिले 2766 लक्ष्य के सापेक्ष 535 किसानों ने ही इसके लिए जागरुकता दिखाई है। इस माध्यम से तैयार खाद का उपयोग हर प्रकार की फसल में किया जा सकता है। अब विभाग की ओर से प्रचार-प्रसार कराकर पंजीकृत किसानों से इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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इस योजना में आठ हजार रुपए का खर्च है जिसमें से सरकार छह हजार रुपए की सब्सिडी दे रही है। इसके लिए किसी भी गांव में जिस श्रेणी का प्रधान है वहां से उस श्रेणी का पंजीकृत किसान पोर्टल पर आन लाईन आवेदन करने के लिए करने पात्र है। इसके लिए सात फीट लंबाई, तीन फीट चौड़ाई तथा एक फीट उंचाई वाले हौदे के निर्माण कराना है। अब इसमें घर तथा आस -पास के कूड़े कचरें को डालते रहना है। इस एक यूनिट के लिए उस हौदे में दो किलों केचुआं भी छोड़ देना है। तीन चार माह में केंचुएं खाद को तैयार कर देंगे। इस खाद का प्रयोग उद्यान, फल, रबी, खरीफ, जायद, दलहन, तिलहन समेत सभी प्रकार के अनाजों के उत्पादन के लिए किया जा सकता है। कृषि उप निदेशक यूपी सिंह ने बताया कि वर्मी खाद में नाइट्रोजन की मात्रा 1.25 प्रतिशत होती है तथा अन्य सभी प्रकार के पोषक तत्व होते है। यह खेतों के लिए सबसे उत्तम खाद है। मेहनत कुछ भी नहीं और सबसे उत्तम खाद तैयार हो जाता है। इसके लिए किसानों को जागरुक होना चाहिए।
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