सुहवल (गाजीपुर)।
ताड़ीघाट-मऊ रेलखंड के विस्तारीकरण एवं गंगा नदी पर बन रहे रेल सह रोड ब्रिज के निर्माण के दौरान आने वाले रिहायशी मकानों और उपजाऊ भूमि को लेकर किसानों एवं भूमिधर स्वामियों की चिंताएं बढ़ती जा रही है। रविवार को प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों ने सोनवल गांव में बैठक की। इसमें बीते दिनों बिना किसी नोटिस के भूमि पैमाईश एवं सर्वे रेलवे विभाग की ओर से कराए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया।
वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल कुछ दिन पहले रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से मिलकर पत्रक सौंपा और इन समस्याओं के निस्तारण की मांग की थी लेकिन समस्याओं का कोई निराकरण नहीं हुआ। ग्रामीणों और किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समस्याओं का त्वरित निस्तारण नहीं किया गया तो ग्रामीण धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी रेल विभाग एवं प्रशासन की होगी। शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि जिस तरह से काश्तकारों को अंधेरे में रख प्रशासन एवं रेल विभाग ने ताड़ीघाट-मऊ रेलखंड के विस्तारीकरण और गंगा नदी पर बन रहे रेल सह रोड ब्रिज के निर्माण को लेकर इसे जद में आने वाले रिहायशी मकानों एवं उपजाऊ भूमिधर लोगों के भूमी का सर्वे शुरू किया है। इसके चलते क्षेत्र के सुगवलियां, सोनवल, मिर्जापुर, ताड़ीघाट, मेदनीपुर आदि गांव के अस्तित्व पर संकट मडराने लगा है। जामवंत सिंह ने कहा कि अगर उनकी मागों पर विचार नहीं किया गया तो क्षेत्रीय लोग धरना के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर मनोज कुमार, जगदीश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, राजनारायण, कलामुद्दीन, नंदलाल, विजय बहादुर, शमीम अली, शिवकुमार, शशिकांत सिंह आदि मौजूद रहे।